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सियासत : राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, कहा- देश के भविष्य के लिए ‘मोदी सिस्टम’ को नींद से जगाना जरूरी

Tue, 18 May 2021 05:21 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले समय में कोरोना बच्चों के लिए घातक साबित हो सकते हैं इसलिए अभी से सुरक्षा उपायों की तैयारी करनी होगी और देश के भविष्य के लिए ‘मोदी सिस्टम’ को नींद से जगाना होगा।
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राहुल गांधी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोना वायरस संक्रमण के हालात के मद्देनजर मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस सरकार में जितनी आसानी से सवाल उठाने वालों की गिरफ्तारी होती है, अगर उतनी ही आसानी से टीका मिल जाता तो देश आज इस दर्दनाक स्थिति में नहीं होता।

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उन्होंने यह भी कहा कि देश के भविष्य के लिए ‘मोदी सिस्टम’ को नींद से जगाना जरूरी है। कांग्रेस नेता ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मोदी ‘सिस्टम’ में जितनी आसानी से सवाल उठाने वालों की गिरफ्तारी होती है, उतनी आसानी से वैक्सीन मिलती तो देश आज इस दर्दनाक स्थिति में ना होता। कोरोना रोको, जनता के सवाल नहीं!

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आने वाले समय में बच्चों को कोरोना से सुरक्षित करना होगा। पीडियाट्रिक स्वास्थ्य सुविधाएँ व वैक्सीन-इलाज के प्रोटोकॉल अभी से तैयार होने चाहिए। देश के भविष्य के लिए वर्तमान मोदी ‘सिस्टम’ को नींद से जगाना जरूरी है।
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पीएम केयर्स फंड को लेकर भी बोला हमला
राहुल गांधी ने पीएम केयर्स फंड के तहत जारी किए गए वेंटिलेटर्स के काम ना करने की खबरों पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि पीएम मोदी और पीएम केयर्स के वेंटिलेटरों के बीच समानताएं हैं। उन्होंने आगे लिखा कि दोनों का बहुत ज्यादा झूठा प्रचार, अपना काम करने में पूरी तरह से फेल और जरूरत के समय दोनों को ढूंढना मुश्किल है। 

बता दें कि देश में कई राज्यों को पीएम केयर्स फंड के तहत वेंटिलेटर दिए गए थे। इन वेंटिलेटर के खराब होने और ना चलने की खबरें सामने आई थीं। इन गड़बड़ी वाले वेंटिलेटरों को लेकर अस्पताल प्रशासन से लेकर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि पीएम केयर्स फंड के तहत मिले वेंटिलेटर पूरी तरह से काम नहीं कर रहे थे। कई ऐसी खबरें सामने आई कि इन वेंटिलेटर में ना तो ऑक्सीजन का फ्लो आता था और ना ही प्रेशर बनता था। यहां तक कि कभी कभी ये वेंटिलेटर चलते-चलते बंद हो जाते थे।

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