बेरोजगारी भी मुद्दा
एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और उपाध्यक्ष राजीव कुमार मौजूद थे। इस दौरान उनसे पूछा गया कि साल 2017-18 में बेरोजगारी की दर क्या थी तो उन्होंने कहा कि यह हम कैसे बताएं। यदि हमारे पास रिपोर्ट होती हो हम बता देते। वहीं कुमार ने कहा था कि आयोग के पास बेरोजगारी दर के बारे में पूरी जानकारी नहीं है।
योजना आयोग से ऐसे है अलग
नीति आयोग ने लोगों के विकास के लिए नीति बनाने के लिए सहकारी संघवाद को शामिल किया है। इसका मतलब कि केंद्र के अलावा राज्य भी नीति बनाने के लिए अपनी राय दे सकेंगे। इसके अंतर्गत कोई भी योजना निचले स्तर पर मौजूद गांव, जिले, राज्य, केंद्र के साथ बातचीत के बाद ही तैयार की जाएंगी। इसका उद्देश्य जमीनी हकीकत के आधार पर योजनाओं को बनाना होगा।