कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर मोदी सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए ‘झूठे उत्सव और खोखले भाषण’ की नहीं, बल्कि समाधान की जरूरत है।
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, मैं घर पर क्वारंटीन में हूं और लगातार दुखद समाचार आ रहे हैं। भारत में संकट सिर्फ कोरोना वायरस ही नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियां भी हैं। झूठे उत्सव व खोखले भाषण नहीं चाहिए, देश को समाधान दो।
गौरतलब है कि देश भर में कोरोना के 3,14,835 नए मामले सामने आने के बाद गुरुवार को कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या बढ़ कर 1,59,30,965 हो गई है। भारत में बढ़ते कोरोना संक्रमण ने दुनिया भर में अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
वैक्सीन नीति को बदले, टीकों की एक समान कीमत सुनिश्चित करें पीएम: सोनिया गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने टीकाकरण से जुड़ी नई नीति को लेकर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह इस नीति को बदलें और पूरे देश में टीकों की एक समान कीमत सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह आरोप भी लगाया कि केंद्र सरकार ने 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को मुफ्त टीका उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष बोलीं, युवाओं के प्रति अपने उत्तरदायित्व से पल्ला झाड़ रही सरकार
सोनिया ने बृहस्पतिवार को कहा, यह हैरान करने वाली बात है कि पिछले साल के कड़वे अनुभवों और लोगों को हुई तकलीफ के बावजूद सरकार लगातार मनमानी और भेदभावपूर्ण नीति पर अमल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि नई नीति के तहत सरकार 18 से 45 साल आयु वर्ग के लोगों को मुफ्त टीका उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ चुकी है और यह युवाओं के प्रति उसका अपने उत्तरदायित्व से पूरी तरह पल्ला झाड़ना भी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, कांग्रेस ने पहले ही इसकी मांग की है कि इस नीति का पुनर्मूल्यांकन किया जाए। निश्चित तौर पर कोई भी तार्किक व्यक्ति टीकाकरण की एक समान कीमत से होने वाले लाभ से सहमत होगा। उन्होंने आग्रह किया, इस मामले में दखल दें और इस गलत निर्णय को बदलिए। देश का लक्ष्य यही होना चाहिए कि 18 साल से अधिक आयु के लोगों को टीका लगे, चाहे उनकी आर्थिक हालत कुछ भी हो।