कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि 2019 का लोकसभा चुनाव अनिल अंबानी और आम लोगों के बीच, चोरों तथा ईमानदारों के बीच तथा झूठे वायदों तथा सच्चाई के बीच का मुकाबला है। वह कर्नाटक के चित्रदुर्ग में एक सभा को संबोधित कर रहे थे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 2019 का चुनाव विचारधाराओं के बीच की भी लड़ाई है जहां एक ओर नफरत, गुस्सा और विभाजनकारी राजनीति है वहीं दूसरी ओर प्यार, स्नेह और भाईचारा है।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई हर किसी के सभी के खाते में 15 लाख रुपये जमा करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'झूठ' और गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली महिलाओं के खातों में 3.6 लाख रुपये जमा करने के बीच का है, जिसका कांग्रेस ने वादा किया है।
प्रधानमंत्री के लिए चौकीदार शब्द के इस्तेमाल पर उपहास करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘क्या आपने कभी किसी किसान, मजदूर और बेरोजगार के घर के बाहर चौकीदार देखा है? चौकीदार अनिल अंबानी के घर के बाहर पाया जाता है... इस चौकीदार ने 15 से 20 धनी लोगों की रक्षा की।’
राहुल गांधी ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने सभी के खाते में 15 लाख रुपये डालने का वादा किया था, लेकिन हत्या के आरोपी अमित शाह ने इसे एक जुमला बताया।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह चौकीदार नहीं बल्कि लोगों की आवाज बनना पसंद करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि ऋण का कथित रूप से भुगतान नहीं करने पर किसानों को जेल भेजा गया न कि अनिल अंबानी को।
राहुल ने कहा कि 2019 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद न्याय योजना (न्यूनतम आय गारंटी योजना) को लागू किया जाएगा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के खातों में 72,000 रुपये हर साल जमा किए जाएंगे। इससे पांच करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे।