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'विकास के नाम पर विनाश': ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर राहुल बोले- आदिवासी विरासत के खिलाफ यह सबसे बड़ा घोटाला

Wed, 29 Apr 2026 09:44 AM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री विजयपुरम

सार

राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने ग्रेट निकोबार द्वीप के कैंपबेल बे दौरे के बाद कहा कि 160 वर्ग किमी जंगल कटने से आदिवासी विरासत खतरे में है। इसे उन्होंने विकास के नाम पर विनाश बताया और स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया।

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राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में प्रस्तावित ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़े घोटालों और अपराधों में से एक है। राहुल गांधी हाल ही में ग्रेट निकोबार द्वीप के कैंपबेल बे इलाके का दौरा करने पहुंचे थे। वहां उन्होंने जंगलों और स्थानीय लोगों की स्थिति को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि यहां के जंगल बेहद पुराने और अनमोल हैं, जिन्हें बनने में कई पीढ़ियां लगी हैं, लेकिन अब इन्हें खत्म करने की तैयारी की जा रही है।

अपने बयान में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 160 वर्ग किलोमीटर के घने जंगल काटे जाएंगे और लाखों पेड़ों को हटाया जाएगा। राहुल गांधी ने इसे विकास के नाम पर विनाश बताया। उनका कहना है कि इस परियोजना से वहां रहने वाली आदिवासी और स्थानीय समुदायों के अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है और उनके घर-जमीन पर असर पड़ेगा।

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आदिवासी नेताओं से की थी मुलाकात
बता दें कि अपने ग्रेट निकोबार द्वीप की यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने स्थानीय आदिवासी नेताओं और निकोबारी समुदाय के लोगों से मुलाकात की। कई लोगों ने उनसे शिकायत की कि सरकार उनकी बात नहीं सुन रही और इस प्रोजेक्ट से उन्हें काफी परेशानी हो सकती है।

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केंद्र सरकार का क्या कहना है?
हालांकि इसके इतर केंद्र सरकार का कहना है कि करीब 81,000 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से देश को बड़ा फायदा होगा। इसमें एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, पावर प्लांट और नया शहर बसाने की योजना है। सरकार का दावा है कि इससे समुद्री व्यापार, कनेक्टिविटी और देश की सुरक्षा मजबूत होगी।

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इंदिरा पॉइंट भी गए राहुल

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने अपने दौरे के दौरान इंदिरा पॉइंट भी गए और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने यह भी कहा कि विकास ऐसा होना चाहिए, जिससे स्थानीय लोगों को फायदा हो, न कि केवल बड़े कॉरपोरेट घरानों को। कुल मिलाकर, ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। एक तरफ सरकार इसे देश के विकास के लिए जरूरी बता रही है, तो दूसरी तरफ राहुल गांधी और स्थानीय लोग इसे पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों के लिए खतरा मान रहे हैं।

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