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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई; सबरीमाला, हेट स्पीच और तमिलनाडु वोटर लिस्ट रिवीजन पर नजरें टिकीं

Wed, 29 Apr 2026 08:47 AM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट में आज कई महत्वपूर्ण मामलों को लेकर अहम सुनवाई होने जा रही है, जिन पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। अदालत की 9 जजों की संविधान पीठ सहित अलग-अलग बेंच कई संवेदनशील मुद्दों पर विचार करेगी, जिनका असर सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक स्तर पर देखा जा सकता है।
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सबरीमाला मामले में संविधान पीठ करेगी सुनवाई
सबसे अहम मामला केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़ा है। इस मुद्दे पर दायर पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ करेगी। यह मामला लंबे समय से धार्मिक आस्था और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर बहस का केंद्र रहा है। अब इस पर अदालत का रुख एक बार फिर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हेट स्पीच मामलों पर भी आएगा अहम फैसला
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट हेट स्पीच यानी नफरती भाषण से जुड़े मामलों पर भी अपना अहम फैसला सुनाएगा। इन मामलों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और समाज में सौहार्द बनाए रखने के बीच संतुलन को लेकर अदालत की टिप्पणी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाल के वर्षों में ऐसे मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए यह फैसला कानूनी दिशा तय कर सकता है।
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तमिलनाडु वोटर लिस्ट रिवीजन पर सुनवाई
इसके अलावा तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) से जुड़े मामलों पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस प्रक्रिया को लेकर उठाई गई आपत्तियों और कानूनी चुनौतियों पर अदालत विचार करेगी। याचिकाकर्ताओं ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जिस पर कोर्ट का रुख अहम होगा।

इन सभी मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इन मामलों में आने वाले फैसले आने वाले समय में कानून और नीति दोनों पर असर डाल सकते हैं।

इनकम टैक्स मामलों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, JAO नोटिस रद्द करने वाले आदेश खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने इनकम टैक्स पुनर्मूल्यांकन मामलों में बड़ा फैसला सुनाते हुए उन हाईकोर्ट आदेशों को रद्द कर दिया, जिनमें जूरिस्डिक्शनल असेसिंग ऑफिसर्स (JAO) के नोटिस रद्द किए गए थे। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामलों को दोबारा सुनवाई के लिए संबंधित हाईकोर्टों को भेज दिया। कोर्ट ने कहा कि वित्त अधिनियम 2026 के तहत जो नया संशोधन हुआ है, उसने कानूनी स्थिति बदल दी है। साथ ही, सभी पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही पर अंतरिम रोक जारी रहेगी।
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