कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस को दलित विरोधी बताते हुए एक वीडियो जारी किया है। राहुल ने आरोप लगाया कि इनकी फासीवादी विचारधारा के मुताबिक आज भी दलित को समाज में सबसे निचले पायदान पर रहना चाहिए।
'आंसर मादी मोदी हैशटैग' से जारी वीडियो में बताया गया है कि मोदी के शासन में हर 12 मिनट पर एक दलित का उत्पीड़न हो रहा है। वहीं, हर दिन छह महिलाओं से दुष्कर्म हो रहा है।
दो मिनट के इस वीडियो में कुछ कथित दलित उत्पीड़न की घटनाएं दिखाई गई हैं। इसमें गुजरात के ऊना में दलितों की पिटाई और मध्य प्रदेश में दलित अभ्यर्थियों के सीने पर एससी/एसटी लिखने वाले फुटेज भी हैं। राहुल ने कहा है कि देश में होने वाली ऐसी घटनाओं पर मोदी की चुप्पी से आरएसएस और
भाजपा की सोच का पता चलता है।
हालांकि कर्नाटक विधानसभा चुनाव 12 मई को होने हैं। इसके लिए दोनों ही पार्टियां विभिन्न समुदायों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। साथ ही सोमवार को राहुल गांधी कर्नाटक में महंगाई के खिलाफ मार्च भी निकालेंगे।
राहुल गांधी झूठ बोलकर समाज को गुमराह कर रहे : संघ
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला। संघ ने आरोप लगाया कि राहुल झूठ बोलकर समाज को गुमराह कर रहे हैं और वह निम्न स्तरीय राजनीति कर रहे हैं। संघ का यह बयान राहुल द्वारा सोशल मीडिया पर भाजपा और संघ नेताओं के दलित विरोधी बयान वाला एक वीडियो साझा करने के बाद आया है।
संघ के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने एक बयान में कहा कि राहुल ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर मेरे और संघ प्रमुख मोहन भागवत के बारे में गलत तथ्य पेश किए हैं। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि हम संविधान में एससी, एसटी को दिए गए आरक्षण को खत्म करना चाहते हैं जोकि पूरी तरह से आधारहीन और गलत है।
वैद्य ने कहा कि एससी और एसटी को संविधान में हिंदू समाज में सामाजिक असमानता के चलते आरक्षण दिया गया है। संघ का यह आधिकारिक रुख है कि आरक्षण जारी रहना चाहिए। इसके लिए संघ अपने अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा से समय-समय पर प्रस्ताव भी पारित करता रहा है। संघ सामाजिक असमानता को खत्म करने और समाज में सामाजिक सद्भावना उत्पन्न करने के लिए प्रतिबद्ध है।