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राहुल गांधी का केंद्र पर हमला: कहा- 70 साल में बनी देश की पूंजी को बेच रही सरकार, तेजस्वी यादव का भी मिला साथ

Tue, 24 Aug 2021 06:04 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

राहुल ने कहा कि जैसे ही एकाधिकार बनता जाएगा उसी तेजी से आपको रोजगार मिलना बंद हो जाएगा। इस देश में जो छोटे और मध्यम व्यवसाय हैं जो कल आपको रोजगार देंगे वो सब बंद हो जाएंगे, खत्म हो जाएंगे। 3-4 व्यवसाय रहेंगे इनको रोजगार देने की कोई जरूरत नहीं रहेगी।
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राहुल गांधी - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 70 साल में जो भी देश की पूंजी बनी, मोदी सरकार ने उसे बेचने का काम किया है। रेलवे को निजी हाथों में बेच दिया जा रहा है। पीएम सबकुछ बेच रहे हैं।

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राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी और भाजपा का एक नारा था कि '70 साल में कुछ नहीं हुआ' और कल वित्त मंत्री ने जो भी 70 साल में इस देश की पूंजी बनी थी उसे बेचने का फैसला ले लिया है, मतलब प्रधानमंत्री ने सब कुछ बेच दिया।

उन्होंने कहा कि सारे के सारे निजीकरण एकाधिकार बनाने के लिए किए जा रहे हैं। पावर, टेलीकॉम, वेयर हाउसिंग, माइनिंग, एयरपोर्ट, पोर्ट्स ये सब एकाधिकार बनाने के लिए किया जा रहा है। आप जानते हो पोर्ट्स किसके हाथ में हैं, एयरपोर्ट किसको मिल रहे हैं।
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राहुल ने कहा कि जैसे ही एकाधिकार बनता जाएगा उसी तेजी से आपको रोजगार मिलना बंद हो जाएगा। इस देश में जो छोटे और मध्यम व्यवसाय हैं जो कल आपको रोजगार देंगे वो सब बंद हो जाएंगे, खत्म हो जाएंगे। 3-4 व्यवसाय रहेंगे इनको रोजगार देने की कोई जरूरत नहीं रहेगी।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हिन्दुस्तान की पूंजी बेची जा रही है, ये आपके भविष्य पर आक्रमण है। नरेंद्र मोदी जी अपने दो-तीन उद्योगपति मित्रों के साथ हिन्दुस्तान के युवा पर आक्रमण कर रहे हैं, इसे आप अच्छी तरह समझिए।

केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन प्रोग्राम पर भी राहुल गांधी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं से केंद्र ने रोजगार छीना है, कोरोना में मदद नहीं की, किसानों के लिए तीन कृषक कानून बनाए। कांग्रेस नेता ने कहा मोदी सरकार ने 1.6 लाख करोड़ का रोडवेज बेच दिया। देश की रीढ़ कही जाने वाली रेलवे को 1.5 लाख करोड़ में बेच दिया।

राहुल गांधी ने कहा कि रेलवे देश की रीढ़ है। गरीब आदमी एक शहर से दूसरे शहर रेलवे के बिना सफर नहीं कर सकता है। 1.50 लाख करोड़ रुपये में रेलवे, 400 स्टेशन, 150 ट्रेनें और रेलवे ट्रैक तक सरकार बेच रही है। राहुल गांधी ने रेलवे कर्मचारियों से कहा कि अगर ये रेलवे से छीनकर प्राइवेट कंपनी को दिया जाएगा तो आपके रोजगार पर भी खतरा होगा।

राहुल गांधी ने कहा कि जो रेल कर्मचारी हैं, जब रेलवे को चीन को सौंपकर प्राइवेट कर दिया जाएगा तो आपका क्या होगा। राहुल गांधी ने कहा कि 26700 किलोमीटर नेशनल हाईवे, जिसकी कीमत 1.6 लाख करोड़ है, 42300 पॉवर ट्रांसमिशन, 8 हजार किलोमीटर की गेल की पाइपलाइन, 4 हजार किलोमीटर की पेट्रोलियम पाइपलाइन, 2.86 लाख केबल कनेक्टिविटी, 29 हजार करोड़ की वेयरहाउसिंग और 2.10 एलएमटी फूट स्टोरेज को बेचा जा रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार माइनिंग, 25 एयरपोर्ट, 9 पोर्ट 31 प्रोजेक्ट्स भी बेच रही है। नेशनल स्टेडियम भी बेचा जा रहा है. इन्हें बनाने में तो 70 साल लग गए, इन्हें 4 लोगों को बेचा जा रहा है. यही सच्चाई है. उद्योगपतियों को इसका तोहफा सौंपा जा रहा है।

चिदंबरम ने भी बोला हमला
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भी निजीकरण को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास (निजीकरण) बिना किसी पूर्व मानदंड के तैयार किया गया है। सरकार को यह बताना चाहिए था कि इसके मानदंड और लक्ष्य क्या थे। आप पहले मापदंड निर्धारित किए बिना इतनी बड़ी कवायद शुरू नहीं करते हैं और आपके लक्ष्य क्या हैं।

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देश के लिए भयावह योजना: तेजस्वी यादव

इधर, राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी का समर्थन किया है। तेजस्वी ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों, देश की राष्ट्रीय संपत्ति को सुधारों की आड़ में कॉरपोरेट्स को बेचना जनता और देश के हितों के खिलाफ है। यह एनडीए सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों और अंततः निजीकरण द्वारा नौकरियों में आरक्षण को कम करने की एक भयावह योजना है।

तेजस्वी ने यह भी कहा कि हम अपने लोकतांत्रिक भारत को ईस्ट इंडिया कंपनी के समूह में बदलने के इस प्रयास के खिलाफ लड़ेंगे। सरकार को यह बताना चाहिए कि कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट्स को संपत्ति बेचने से उसके लोगों और अर्थव्यवस्था को कैसे मदद मिलेगी।
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