मणिपुर में हिंसा के चलते दो मासूम बच्चों की मौत के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि तीन साल बीत जाने के बाद भी मणिपुर में हिंसा की आग ठंडी नहीं हुई है और मासूम लोग लगातार इसका शिकार हो रहे हैं। राहुल गांधी के अनुसार, राज्य में कहीं भी शांति के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा
मामले को लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि एक बीएसएफ जवान के घर में सो रहे दो छोटे बच्चों की हत्या की खबर दिल दहला देने वाली है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार इतनी संवेदनहीन और पत्थर दिल हो गई है कि वह भूल गई है कि मणिपुर के बच्चे भी इसी देश के बच्चे और हमारा भविष्य हैं। राहुल गांधी ने सवाल किया कि यह सरकार आखिर कब जागेगी? मणिपुर कब तक अपनों की लाशें गिनता रहेगा और शांति का इंतजार करेगा?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि शांति ही एकमात्र रास्ता है जो सभी समुदायों को एक साथ ला सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे केवल नाम के लिए बयान न दें या दिखावे के लिए दौरा न करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे, इससे पहले कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो जाए।
क्या बोले मणिपुर के मुख्यमंत्री?
दूसरी तरफ, मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार ने इस बम हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उन लोगों का काम लगता है जो राज्य की शांति को बिगाड़ना चाहते हैं। उन्होंने गृह मंत्री और अन्य विधायकों के साथ चर्चा करने के बाद एनआईए जांच का यह फैसला लिया।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि हमलावरों की पहचान अभी नहीं हो पाई है, लेकिन उन्हें पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चल रहा है। इस अभियान में राज्य पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ की टीमें जुटी हुई हैं। अपराधियों को खोजने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद भी ली जा रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पांच जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद
इस हिंसक घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से मणिपुर के पांच जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर में तीन दिनों के लिए इंटरनेट बंद रहेगा। यह दुखद घटना मंगलवार तड़के करीब एक बजे हुई, जब संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर पर हमला किया। इस हमले में 5 साल का एक लड़का और उसकी 5 महीने की बहन की मौत हो गई। हमले बच्चों की मां गंभीर घायल हुई हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
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