प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है, जिसमें रविवार को 'मन की बात' में पीएम मोदी ने कहा था कि इंदिरा गांधी की मौत के बाद सरदार पटेल की जयंती के दिन हजारों सरदारों को मौत के घाट उतारा गया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के अंदर इंदिरा गांधी या सरदार पटेल को लेकर कोई विभाजन नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार समाज को बांट रही है। शर्मा ने कहा कि अगर पीएम मोदी 84 के दंगों की बात कर रहे हैं, तो वो 2002 के गुजरात दंगों को भी याद रखें।
बता दें कि रविवार को 'मन की बात' में पीएम ने कहा, '31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्मजयंती का पर्व है, साथ ही श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि भी है। सरदार के जन्मदिवस पर हजारों सरदारो को इंदिरा की हत्या के बाद मौत के घाट उतार दिया गया। आजादी के आंदोलन को किसानों तक पहुंचाने में सरदार साहब की बहुत बड़ी अहम भूमिका रही। एकता के लिए जीवनभर जीने वाले महापुरुष के जन्मदिन पर ही सरदारों के साथ जुल्म इतिहास का पन्ना हम सब को पीड़ा देता है।'
वहीं, सोमवार को कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने पार्टी हेडक्वार्टर से इंदिरा गांधी मेमोरियल तक मार्च निकाला। गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और अहमद पटेल समेत कई बड़े कांग्रेसी नेता इस मार्च में शामिल हुए।
#IndiraGandhi Death Anniversary: Rahul Gandhi leads Congress march from Party HQs to Indira Gandhi memorial pic.twitter.com/fah8KSXnQl
— ANI (@ANI_news) October 31, 2016