अविश्वास प्रस्ताव और राहुल के विवाद: 2018 में आंख मारी और PM को झप्पी दी, अब फ्लाइंग किस का आरोप; जानें सबकुछ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 09 Aug 2023 06:59 PM IST
सार
Rahul Gandhi In No-confidence Motion: बुधवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर जारी चर्चा के दौरान स्मृति ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आज मुझसे पहले वक्तव्य दिया, वह फ्लाइंग किस देकर गए। इससे पहले 2018 में जब मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था तब राहुल की आंख मारने वाली तस्वीर चर्चा में रही थी।
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव
- फोटो : AMAR UJALA
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर जारी चर्चा के बीच आज राहुल गांधी ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। राहुल अपना संबोधन पूरा करने के बाद सदन से रवाना भी हो गए। इसके बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने वक्तव्य में राहुल पर जवाबी हमला बोला और आरोप लगाया कि उन्होंने अभद्र इशारा किया। इससे पहले 2018 में जब मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था तब राहुल की आंख मारने वाली तस्वीर चर्चा में रही थी।
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव
- फोटो : AMAR UJALA
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर जारी चर्चा के बीच आज राहुल गांधी ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। राहुल अपना संबोधन पूरा करने के बाद सदन से रवाना भी हो गए। इसके बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने वक्तव्य में राहुल पर जवाबी हमला बोला और आरोप लगाया कि उन्होंने अभद्र इशारा किया। इससे पहले 2018 में जब मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था तब राहुल की आंख मारने वाली तस्वीर चर्चा में रही थी।
स्मृति ईरानी
- फोटो : सोशल मीडिया
आइए जानते हैं आखिर स्मृति ईरानी ने राहुल पर क्या आरोप लगाए हैं?
बुधवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर जारी चर्चा के दौरान स्मृति ने कहा कि राहुल ने सदन में अभद्रता का परिचय दिया। उन्होंने कांग्रेस नेता पर महिलाओं के अपमान का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आज मुझसे पहले वक्तव्य दिया, वह फ्लाइंग किस देकर गए। इस तरह का महिलाओं के प्रति द्वेषपूर्ण आचरण देश के सदन में कभी नहीं देखा गया। ये किस खानदान के लक्षण हैं, यह देश देख रहा है।
भाजपा इस मामले में हमलावर है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष शिकायत भी की है। उन्होंने कहा, 'यह पहली बार है जब हमने सदन में किसी सांसद का ऐसा व्यवहार देखा है। उन्होंने सदन में महिला सांसदों पर फ्लाइंग किस का इशारा किया...यह अस्वीकार्य है। हमनें इसकी सीसीटीवी फुटेज लेने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत की है।'
Priyanka Chaturvedi
- फोटो : Social Media
विपक्ष ने घटना पर क्या कहा?
कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों से इनकार किया और कहा कि जब राहुल ने इशारा किया तो उनके सामने पुरुष सांसद बैठे थे। कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष नेट्टा डिसूजा ने उसी वीडियो को साझा करते हुए यह बताने की कोशिश की कि कांग्रेस नेता स्मृति ईरानी की तरफ देख भी नहीं रहे थे।
डिसूजा ने कहा, 'दिन रात मुद्दों और तथ्यों से देश का ध्यान भटकाने वाली बिगेस्ट झूठ प्रोपेगंडा पार्टी एकबार फिर अपने काम में लग गई है, लेकिन देश खुद यह वीडियो देखेगा और फैसला करेगा। वीडियो से साफ है कि राहुल जी के सामने पुरुष सांसद हैं। स्मृति ईरानी तो सामने हैं भी नहीं, लेकिन राहुल-फोबिया ऐसा है कि हर जगह राहुल जी ही दिखाई देते हैं।'
इस मामले में शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की भी प्रतिक्रिया आई है। राजयसभा सांसद ने कहा, 'मैं दर्शक दीर्घा में थी और उन्होंने (राहुल गांधी) स्नेह के भाव के तौर पर ऐसा किया। वे (बीजेपी) स्नेह को स्वीकार नहीं कर सकते।
2018 में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान पीएम मोदी और राहुल गांधी
- फोटो : SOCIAL MEDIA
2018 में आए अविश्वास प्रस्ताव के दौरान क्या हुआ था?
ये दूसरी बार है जब मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। इससे पहले भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को 20 जुलाई 2018 को अपने पहले 'अविश्वास' प्रस्ताव का सामना करना पड़ा था। पिछली बार आए अविश्वास प्रस्ताव पर 12 घंटे की बहस हुई थी। इसमें प्रधानमंत्री का डेढ़ घंटे से अधिक का संबोधन भी शामिल था। बहस के दौरान तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पीएम मोदी के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली थी। चर्चा के दौरान अपने संबोधन के समापन पर राहुल प्रधानमंत्री के पास पहुंचे और उन्हें गले लगाया था। वापसी के बाद अन्य कांग्रेस नेताओं को आंख मारते देखा गया था जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं थीं।
हालांकि, उस समय पीएम मोदी ने राहुल गांधी की हरकतों पर कटाक्ष किया था। पीएम ने घटनाक्रम को राहुल का अहंकार बताते हुए पीएम की सीट पर कब्जा करने की अनुचित जल्दबाजी कहा था।