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Rahul Gandhi: अभी राहुल की सिर्फ एक मुश्किल कम हुई, जानें महाराष्ट्र-झारखंड से असम तक उन पर चल रहे मामलों को

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 05 Aug 2023 07:01 PM IST

सार

Cases Against Rahul Gandhi: उच्चतम न्यायालय ने 'मोदी उपनाम' टिप्पणी मामले में  राहुल गांधी को राहत दी है। राहुल पर यह इकलौता मामला नहीं है, जिसमें वह फंसे हुए हैं। राहुल पर यह इकलौता मामला नहीं है, जिसमें वह फंसे हुए हैं। पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और सावरकर के खिलाफ टिप्पणियों को लेकर भी उन पर मामले चल रहे हैं। 
 
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी - फोटो : AMAR UJALA
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली। उच्चतम न्यायालय ने 'मोदी उपनाम' टिप्पणी मामले में उनकी सजा पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने का रास्ता भी साफ हो गया है। 

राहुल पर यह इकलौता मामला नहीं है, जिसमें वह फंसे हुए हैं। उनके खिलाफ कई और मामले भी चल रहे हैं। गुजरात हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाने वाली उनकी याचिका खारिज करने के दौरान इनका जिक्र किया था। इन मामलों में मोदी उपनाम से जुड़े कुछ अन्य मामले भी शामिल हैं। आइए जानते हैं राहुल के खिलाफ चल रहे मामलों के बारे में... 

 
 
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी - फोटो : AMAR UJALA
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली। उच्चतम न्यायालय ने 'मोदी उपनाम' टिप्पणी मामले में उनकी सजा पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने का रास्ता भी साफ हो गया है। 

राहुल पर यह इकलौता मामला नहीं है, जिसमें वह फंसे हुए हैं। उनके खिलाफ कई और मामले भी चल रहे हैं। गुजरात हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाने वाली उनकी याचिका खारिज करने के दौरान इनका जिक्र किया था। इन मामलों में मोदी उपनाम से जुड़े कुछ अन्य मामले भी शामिल हैं। आइए जानते हैं राहुल के खिलाफ चल रहे मामलों के बारे में... 
 
 

Rahul Gandhi: Congress - फोटो : Agency
केस-1: महात्मा गांधी की हत्या को आरएसएस से जोड़ने से संबंधित मामला
राहुल गांधी ने मार्च 2014 में ठाणे जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए आरएसएस को लेकर बयान दिया था। राहुल पर आरोप लगा कि उन्होंने अपने भाषण में कहा कि आरएसएस के लोगों ने ही महात्मा गांधी की हत्या की थी। 

इस बयान पर आरएसएस की भिवंडी इकाई के प्रमुख राजेश कुंटे ने राहुल पर मुकदमा दायर किया। कुंटे ने राहुल पर आरएसएस को बदनाम करने का आरोप लगाया था। इस मामले में मुकदमा अभी शुरू नहीं हुआ है क्योंकि शिकायतकर्ता अभी तक कोई गवाह नहीं ला पाया है। 2016 में राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर अपने हलफनामे में स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी महात्मा गांधी की हत्या के लिए आरएसएस को संस्था के रूप में दोषी नहीं ठहराया।

केस-2 : मंदिर में प्रवेश को लेकर राहुल के बयान के बाद मुकदमा
दिसंबर 2015 में, असम विधानसभा के चुनाव नजदीक थे। राहुल गांधी पार्टी के प्रचार के लिए असम में थे। इस दौरान उनको बारपेटा सत्र मठ का दौरा करना था, लेकिन बाद में उन्होंने दावा किया कि आरएसएस के लोगों ने उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद, आरएसएस कार्यकर्ता अंजन बोरा ने राहुल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने महिला श्रद्धालुओं का अपमान किया। 

केस-3 : अमित शाह और अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक पर नोटबंदी पर टिप्पणी को लेकर
जून 2018 में, राहुल गांधी ने एक ट्वीट कर अमित शाह पर अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक के निदेशक होने का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी के दौरान बैंक ने पांच दिन के भीतर 750 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदले हैं। कांग्रेस नेता ने यह आरोप लगाने के लिए एक आरटीआई जवाब का हवाला दिया। इस मामले में भी राहुल पर मामला दर्ज है। ये मामला भी अभी कोर्ट में लंबित है। 
 
केस-4 : पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को आरएसएस से जोड़ने पर 
पत्रकार गौरी लंकेश की 2017 में बेंगलुरु में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के कुछ ही घंटों के भीतर राहुल गांधी ने एक प्रेस वार्ता की। इसमें उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधा। राहुल ने कहा, 'जो कोई भी भाजपा की विचारधारा के खिलाफ, आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ बोलता है उस पर दबाव डाला जाता है। पीटा जाता है, हमला किया जाता है और यहां तक कि उसे मार दिया जाता है।' इस बयान को लेकर राहुल के खिलाफ एक आपराधिक मानहानि और एक नागरिक मुकदमा दायर किया गया है। मामला अभी कोर्ट में लंबित है। 
 
केस-5 : पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी 
सितंबर 2018 में राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर राहुल गांधी ने भाजपा पर तंज कसा था। राहुल ने एक फ्रांसीसी प्रकाशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट किया, 'भारत के कमांडर-इन-* के बारे में दुखद सच्चाई।' इस ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा गया था, जिन पर कांग्रेस नेता ने रिलायंस को फायदा पहुंचाने के लिए सौदे में बदलाव करने का आरोप लगाया था। इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज है। यह मामला गुड़गांव की एक अदालत में लंबित है।

केस-6 : अमित शाह के खिलाफ विवादित टिप्पणी
2019 में मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने गृहमंत्री अमित शाह पर विवादित टिप्पणी की थी। राहुल ने अमित शाह को हत्या का आरोपी बताया था। तब अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। राहुल ने कहा, ''हत्यारोपी भाजपा प्रमुख अमित शाह, वाह, क्या शान है...।' इस बयान के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी। अभी ये मामला लंबित है। 

केस-7 : अमित शाह पर टिप्पणी का एक मामला झारखंड में भी
जबलपुर की तरह ही राहुल ने झारखंड में भी अमित शाह पर विवादित बयान दिया था। 2019 में राहुल गांधी ने झारखंड में कांग्रेस अधिवेशन के दौरान विवादित भाषण दिया था। यहां भी उन्होंने अमित शाह को हत्या का आरोपी बताया था। इस बयान पर दो मानहानि के मामले दायर किए गए। एक चाईबासा जिले में और दूसरा रांची में भाजपा कार्यकर्ता प्रताप कटियार और नवीन झा द्वारा। ये मामले भी अभी लंबित हैं। 

केस-8 : सावरकर पर टिप्पणी करने पर भी चल रहा मामला
राहुल गांधी के खिलाफ साल 2022 में नया मानहानि का केस दायर हुआ है। राहुल ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान विनायक दामोदर सावरकर पर टिप्पणी की थी। एक प्रेस वार्ता में राहुल ने कहा, 'सावरकर ने आजादी से पहले अंग्रेजों को माफी पत्र पर हस्ताक्षर करके महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को धोखा दिया।' इस मामले में वीर सावरकर के पोते विनायक सावरकर ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। 

 

Rahul Gandhi - फोटो : Social Media
इनके अलावा भी राहुल के खिलाफ कई मामले दर्ज
राहुल गांधी ने 2019 के अपने चुनावी हलफनामे में भी कई मामलों का जिक्र किया था। इनमें चार मामले आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत दर्ज हुए हैं। ये मामले महाराष्ट्र, झारखंड, असम में दर्ज हुए हैं। इसके अलावा दिल्ली में आईपीसी की धारा 403, 406, 420 और 120B के तहत भी केस दर्ज हुआ है।
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