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Rahul Gandhi: ट्रेनों में हो रही भारी भीड़ को लेकर राहुल गांधी ने जताई चिंता, कहा- रेल यात्रियों की कोई सुनने

Tue, 29 Oct 2024 09:59 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिवाली के समय "रेल यात्रा में बहुत सारे लोगों को पेश आ रही दिक्कतों" का हवाला देते हुए मंगलवार को दावा किया कि रेलवे व्यवस्था टूट रही है और यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय कोई लोगों की सुनने वाला नहीं है।
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हरियाणा पहुंचे राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिवाली और छठ पूजा के लिए घर जाने की कोशिश कर रहे लाखों यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।  27 अक्तूबर को मुंबई  के बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 9 लोग घायल हो गए हैं। रविवार तड़के हुई इस भगदड़ में दो लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। जिसके बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। 

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिवाली के समय "रेल यात्रा में बहुत सारे लोगों को पेश आ रही दिक्कतों" का हवाला देते हुए मंगलवार को दावा किया कि रेलवे व्यवस्था टूट रही है और यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय कोई लोगों की सुनने वाला नहीं है।

राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा करते हुए एक्स पर पोस्ट किया, "इस दिवाली पर करोड़ों भारतीय अपने परिवार से मिलने रेल से यात्रा करेंगे। दैनिक यात्री हो या पर्यटक, शहरी हो या ग्रामीण, श्रमिक हो या उद्योगपति - रेलवे हर भारतीय की ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा या आधार है। अगर हमारी ट्रेनें रुक जाएं, तो भारत थम जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसी बेहतरीन रेल सुविधा चाहिए जो सभी लोगों के लिए हो।
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राहुल गांधी ने आरोप लगाया, आज बालासोर से बांद्रा तक, हमारी रेलवे व्यवस्था टूट रही है और यात्रियों की ज़रूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। इस समय, जब लोगों की बात सुनी जानी चाहिए तब कोई सुनने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, एक बेहतर भारत बनाने के लिए मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप अपनी आवाज उठाएं। यदि आपको रेल व्यवस्था में कोई कमी दिखती है, या आपके पास सुधार के लिए कोई सुझाव है, तो कृपया अपने अनुभव हमारे साथ साझा करें। आइए हम सब मिलकर अपने सपनों का भारत बनाएं।

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