लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, आज सुबह मेरी मुलाकात लोकसभा अध्यक्ष से हुई और मैंने उनसे कहा कि हमें कल छात्रों के साथ हुई घटना पर बहस करने की अनुमति दी जानी चाहिए। अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें सरकार से अनुमति लेनी होगी। इससे स्पष्ट हो गया कि सरकार को बहस कराने में कोई दिलचस्पी नहीं है। इसके बाद हमने प्रधानमंत्री आवास के सामने जाकर विरोध प्रदर्शन करने और छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फैसला किया। छात्रों की मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा, संसद मार्च के दौरान छात्रों को पीटने और अपमानित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और दिल्ली पुलिस में दर्ज छात्रों के खिलाफ सभी मामले वापस लिया जाना शामिल हैं। पूरा विपक्ष चाहता है कि कल लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे पर बहस हो।
भारत के छात्रों और प्रधानमंत्री को मेरा सीधा संदेश... pic.twitter.com/pgZZHLLz8h
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 21, 2026
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम आवास के पास कांग्रेस समेत विपक्ष के नेताओं के साथ प्रदर्शन किया। इस पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने सरकार की जवाबदेही की तरफ संकेत करते हुए कहा, हमें युवाओं और छात्रों के लिए इनके गुस्से से कहीं अधिक करने की जरूरत है। प्रधान का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कांग्रेस पार्टी समेत कई दलों के नेता और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को मंडी मार्ग थाने से रिहा होने के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। नीट के मुद्दे और छात्रों की मांगों के समर्थन में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया था। रिहाई के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।
उन्होंने कहा, "देश के बच्चों, जो हमारे देश का भविष्य हैं, उनकी बात सुनने में क्या दिक्कत है? उनकी मांग बिल्कुल जायज है। उनके प्रतिनिधि होने के नाते उनकी आवाज उठाना और उन्हें मजबूती देना हमारी जिम्मेदारी है। लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना एक मौलिक अधिकार है। जहां भी जरूरत होगी, हम अपनी आवाज उठाएंगे। हमारी मांग शुरू से ही स्पष्ट है। हमें टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था को ठीक करना होगा।"
प्रियंका गांधी ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा। संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए और छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए। 'वंदे मातरम्' का क्या मतलब है? अपनी मातृभूमि का सम्मान करना। हमारी मातृभूमि लोकतंत्र है। ये बच्चे कौन हैं? यही वे लोग हैं जिन्होंने हमें संसद में भेजा है। शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए विधेयक क्यों नहीं लाया जाता? अडानी-अंबानी के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिए गए, लेकिन पूरे देश की शिक्षा पर सिर्फ 1.4 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए।"
वायनाड से सांसद और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को पुलिस ने हिरासत से रिहा कर दिया है। इसके बाद वो अपने आवास पर पहुंच गई हैं। प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। यहां उनसे मिलने उनकी मां सोनिया गांधी भी पहुंची थीं।
#WATCH | Delhi | Congress MP Priyanka Gandhi Vadra reaches her residence.
— ANI (@ANI) July 21, 2026
She was detained by the Delhi Police earlier today while protesting outside the PM's residence at Lok Kalyan Marg. pic.twitter.com/ssskkEtiPh
कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री के आवास पर किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी के आचरण को "पूर्णतः अशोभनीय और निंदनीय" बताते हुए कहा कि उनका व्यवहार इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वह नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को गंभीरता से नहीं लेते। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी लगातार यह मानती रही है कि राहुल गांधी "अराजकता का प्रतीक" बनते जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कुछ संसदीय कार्यालय किसी एक दल की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री केवल एक पार्टी के नेता नहीं, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों के चुने हुए प्रतिनिधि हैं।
नवीन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी टीम द्वारा प्रधानमंत्री के आवास पर आज जो व्यवहार प्रदर्शित किया गया और अराजकता फैलाने का प्रयास किया गया, वह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि यह "विरोध की राजनीति नहीं, बल्कि अराजकता की राजनीति" है। उन्होंने कहा कि यह विशेष रूप से चिंताजनक है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे भी राहुल गांधी के साथ थे। भाजपा अध्यक्ष ने आज की घटना को "निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण" और "भारत के राजनीतिक इतिहास का एक काला दिन" बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा भी लंबे समय तक विपक्ष में रही है, लेकिन उन्होंने कभी भी ऐसी सीमाएं नहीं लांघीं। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी ने शर्तें रखीं, तो उन्हें स्वीकार किया गया, फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेता प्रतिपक्ष के पद पर बैठे व्यक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ने पर पीछे हट जाते हैं।
नितिन नवीन ने कांग्रेस के अपने साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे संसद के पटल पर किसी भी तरह की बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि शिष्टाचार की सीमाओं को लांघने की उभरती प्रवृत्ति और कांग्रेस के भीतर विकसित हो रही "अराजक मानसिकता" निश्चित रूप से देश को परेशान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश अपने प्रधानमंत्री के साथ मजबूती से खड़ा है।
लोकसभा में विपक्ष के सदस्य और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी छत्रसाल स्टेडियम से रवाना हुए। दिल्ली पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया है। लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे और दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कुछ विपक्षी नेताओं को कुछ देर पहले छत्रसाल स्टेडियम लाया गया।
#WATCH | Delhi: LoP Lok Sabha & Congress MP Rahul Gandhi leaves from Chhatrasal Stadium.
— ANI (@ANI) July 21, 2026
Some of the opposition leaders, who were protesting at Lok Kalyan Marg and detained by Delhi Police, were brought to Chhatrasal Stadiuma short while ago. pic.twitter.com/1phdnpjK54
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचीं। लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे और दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कुछ विपक्षी नेताओं को कुछ देर पहले पुलिस स्टेशन लाया गया। संभावना जताई जा रही है कि प्रियंका गांधी को इसी पुलिस स्टेशन में लाया गया है।
#WATCH | Delhi | Congress Parliamentary Party chairperson Sonia Gandhi reaches the Mandir Marg Police Station.
— ANI (@ANI) July 21, 2026
Some of the opposition leaders, who were protesting at Lok Kalyan Marg and detained by Delhi Police, were brought to the PS a short while ago. pic.twitter.com/eIDWjI1yya
विपक्ष के नेताओं और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं को ले जा रही एक बस छत्रसाल स्टेडियम पहुंची। लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इन नेताओं को हिरासत में ले लिया था।
#WATCH | Delhi: A bus carrying LoP Lok Sabha and Congress MP Rahul Gandhi and other opposition leaders reaches Chhatrasal Stadium.
— ANI (@ANI) July 21, 2026
The leaders was detained by police while they were protesting at Lok Kalyan Marg. pic.twitter.com/Npvc2MCkoL
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर हो रहे विरोध प्रदर्शन स्थल से कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ-साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव को जबरन हटाकर हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी ने कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों सहित अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर एक दिन पहले प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में दोपहर करीब 3.30 बजे धरना प्रदर्शन शुरू किया।
पुलिस के धरनास्थल पर पहुंचने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता जमीन पर लेटे हुए थे और सुरक्षाकर्मियों द्वारा उन्हें उठाने के प्रयास का विरोध कर रहे थे। इस प्रक्रिया में उन्हें चोट लगी। एक सहायक ने बताया कि उनकी आंख के नीचे चोट आई है। पुलिस बस के चलने के बाद भी प्रियंका गांधी के बस के दरवाजे पर लटके रहने के नाटकीय दृश्य देखने को मिले।
The Man Who Stands For The Nation 🇮🇳 pic.twitter.com/Fb1m7kKMtZ
— Congress (@INCIndia) July 21, 2026
दिल्ली पुलिस ने वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी को भी हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार डरपोक है। वो डरती है। हम उनसे नहीं डरते, वो हमसे डरते हैं।
#WATCH | Congress MP Priyanka Gandhi Vadra, protesting with opposition leaders and workers at Lok Kalyan Marg, detained by Delhi Police. pic.twitter.com/EacXvozjH0
— ANI (@ANI) July 21, 2026
दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल हुए समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को धरनास्थल से हटाकर हिरासत में ले लिया है। दोनों ही नेताओं को धरनास्थल से उठाकर बस में बैठा दिया गया है।
#WATCH | Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, protesting with Opposition leaders and workers at Lok Kalyan Marg, detained by Delhi Police. pic.twitter.com/mkctEgsybl
— ANI (@ANI) July 21, 2026
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी से मुलाकात की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बातचीत के बाद जितेंद्र सिंह ने एक्स पर कहा, ''कुछ समय पहले, यह ज्ञात हुआ कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके साथ अन्य वरिष्ठ नेता, जैसे कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी इत्यादि अकस्मात ही अकबर रोड के समीप एक स्थान पर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गये हैं। सरकार ने इस वरिष्ठ दल की गरिमा के दृष्टिगत, मुझे स्वयं और मेरे साथ केंद्रीय गृह सचिव, गोविंद मोहन को इन वरिष्ठ नेताओं से वार्ता करने हेतु मौके पर भेजा।''
उन्होंने बताया, ''राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि यह स्थल धरने का स्थल नहीं है, और यहां पर धरना करने से जनसाधारण को काफी असुविधा भी पहुंच रही है। राहुल गांधी ने यह मांग रखी कि अगर सरकार संसद में नीट और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए मान जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देगें। कुछ ही क्षणों में सरकार के शीर्ष नेतृत्व की अनुमति लेने के बाद, राहुल गांधी को यह आश्वसान दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है। सरकार नीट और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है।''
सिंह ने कहा, ''राहुल गांधी को जब यह सूचना पहुंचाई गई तो उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे अपितु उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी आश्वसान चाहा। उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे हैं: संसद में चर्चा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। जब उनको याद दिलाया गया कि पहले उन्होने केवल चर्चा की ही मांग की थी, तब उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गयी हैं। जब उनको विनम्रता से ये समझाने का प्रयास किया गया कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्जी है।''
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नही हैं तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्जी है वे जहां बैठें। राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष काअपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत है। सरकार नीट और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने आज तक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया है। राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के उसूलों से मेल नहीं खाता है।''
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, ''देश के करोड़ों युवाओं के लिए सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। जंतर मंतर पर देश का युवा आंदोलन कर रहा है। 20 जुलाई को युवाओं को बर्बरता पूर्वक पीटा गया। कांग्रेस एक महीने से आंदोलन को गाली दे रही है, अब राहुल गांधी कह रहे है “जंतर मंतर नहीं हमारे धरने में शामिल हो”। आखिर युवाओं के आंदोलन को क्यों कमजोर करना चाहती है कांग्रेस? जंतर मंतर के आंदोलन में शामिल होने की अपील क्यों नहीं करती कांग्रेस?''
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ''कॉकरोच जनता पार्टी के धरने को कमजोर करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी को अपने आवास पर धरने पर बिठा दिया।''
आम आदमी पार्टी की नेता और विधायक आतिशी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ''ये तो कमाल है। कॉकरोच जनता पार्टी और सोनम वांगचुक: जंतर-मंतर पर एक महीने का विरोध प्रदर्शन। मोदी सरकार ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया। राहुल गांधी: प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन की अनुमति मिली। एक घंटे में ही मोदी सरकार ने बातचीत शुरू कर दी। वाह, ये कैसी जुगलबंदी है।''
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ''छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं। मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों। भारत के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।''
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 21, 2026
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए -…
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, "हम यह दिखाने आए थे कि संसद में हमें बोलने की इजाजत नहीं है। हम प्रधानमंत्री मोदी से बात करना चाहते थे। हम उनके आवास पर उन्हें यह बताने आए हैं कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना होगा। उन्हें शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए। दिल्ली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसके लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। प्रधानमंत्री मोदी इसके लिए जिम्मेदार हैं। वे इस जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। यहां सभी सांसदों को हिरासत में रखा हुआ है।" सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने हिरासत में लिए जाने के दौरान कहा कि यह सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है तो आप सोच सकते हैं कि छात्रों के साथ क्या हुआ होगा?
दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कन्हैया कुमार समेत पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। इसी के साथ ही एहतियात के तौर पर पीएम आवास के पास अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई है। ये तैनाती उस धरनास्थल के पास की गई है, जहां कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, ''हमारी एक सीधी-सादी मांग है। हमारे विपक्ष के नेताओं ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में यह मांग उठाई है। हमारी मांग है कि गृह मंत्री संसद में इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दें और सदन में इस पर चर्चा हो। हम चाहते हैं कि वे इस बात पर बयान जारी करें कि किस तरह लोकतंत्र और हमारे संविधान की हत्या की जा रही है और छात्रों के खिलाफ अत्याचार किए जा रहे हैं। हम पिछले 45 दिनों से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।''
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के कई नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में भी लिया। वहीं, राहुल गांधी के धरना शुरू करने के कुछ ही समय बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह प्रदर्शनस्थल पर पहुंचे। उन्होंने राहुल गांधी से धरना खत्म करने की अपील की।
राहुल गांधी के नेतृत्व में वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा समेत कई नेता धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि हमारे पास और कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस पर संसद में बहस नहीं कर रही है। हम और क्या कर सकते हैं, सड़क पर आना पड़ रहा है।