कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता के बारे में फैसला होने तक उनके लोकसभा के चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाने के लिये उच्चतम न्यायालय में गुरुवार को एक याचिका दायर की गई। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष जय भगवान गोयल और सी पी त्यागी की इस याचिका का उल्लेख किया गया। पीठ ने कहा, ‘हम इसे देखेंगे।’
भारतीय संसद ने साल 2003 में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित कर विदेशों में बसे भारतीय मूल के लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान किया है। इसे ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया के नाम दिया गया है। जिसे बोलचाल में दोहरी नागरिकता के नाम से जाना जाता है।
इसके अनुसार, भारतीय मूल का कोई भी व्यक्ति जो संविधान लागू होने के बाद भारत या उसके किसी राज्य क्षेत्र का नागरिक रहा हो और जिसने पाकिस्तान और बांग्लादेश के अलावा किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण कर ली है, नागरिकता अधिनियम 1955 के अधीन पंजीकरण करा सकता है। यदि उसके देश में दोहरी नागरिकता का प्रावधान है।
पंजीकरण के बाद अगय व्यक्ति पांच साल में से एक साल भारत में रहता है तो उसे भारत की नागरिकता मिल सकती है। वर्तमान में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया सहित 16 देशों में बसे भारतीय मूल के लोगों को दोहरी नागरिकता प्रदान की जा सकती है। क्योंकि, इन देशों के नागरिक दोहरी नागरिकता ले सकते हैं।