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हाथ से न निकले कर्नाटक, राहुल ने खुद संभाली कमान और बनाया ये 'प्लान' 

Sat, 31 Mar 2018 09:26 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कांग्रेस से लगातार राज्य छिनने का दबाव अध्यक्ष राहुल गांधी पर साफ है। कर्नाटक पहला ऐसा राज्य होगा जहां बतौर अध्यक्ष उनके नेतृत्व में चुनाव होने जा रहा है। राहुल पर अपने पुराने राज्यों में संगठनात्मक मजबूती से अधिक महत्वपूर्ण उन राज्यों को बचाना है जहां उनकी सरकार हैं। इसी को ध्यान में रखकर राहुल ने गुजरात की तर्ज पर पूरा फोकस कर्नाटक पर किया है। 

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राहुल ने चुनाव के दौरान करीब 24 दिन कर्नाटक में प्रचार के लिए तय किए हैं। कर्नाटक में संगठनात्मक मजबूती के लिए राहुल ने महाराष्ट्र की विधायक यशोमती ठाकुर को भी कर्नाटक की प्रभारी सचिव बनाकर भेजा है।

कर्नाटक के नतीजे राहुल गांधी और कांग्रेस के लिए टर्निंग प्वाइंट होंगे। राहुल कोई राजनीतिक चूक नहीं करना चाहते हैं। ऐसा इसलिए भी राहुल गांधी को राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी को सहयोगी दलों के बीच सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी और नेतृत्वकर्ता की भूमिका में भी साबित करना है।
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जिस तरह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने दौरे में सीएम सिद्धारमैया को फोकस कर उनके इलाके में धावा बोला है उसी तर्ज पर राहुल भाजपा सीएम उम्मीदवार यदियुरप्पा के शिमोदा इलाके पर फोकस करेंगे। इस दौरान राहुल जन आर्शीवाद यात्रा में भी हिस्सा लेंगे। चुनाव के करीब राहुल गांधी करीब बीस जनसभाओं को संबोधित करेंगे। तारीखों की घोषणा से पहले ही राहुल कर्नाटक के कई चक्कर लगा चुके हैं।

कई चरणों में अपने कार्यक्रम के दौरान रोड शो, विभिन्न वर्गों से सीधी बातचीत और रैलियों के माध्यम से मेहनत करते नजर आएंगे। अभियान के दौरान वे बैंगलूरू रीजन में पहले 3-4 और फिर 7-8 अप्रैल को रहेंगे। राहुल के कर्नाटक कार्यक्रम का खाका प्रभारी महासचिव सांसद वेणुगोपाल और प्रचार समिति के प्रमुख डीके. शिवकुमार ने तैयार किया है।

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