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राहुल गांधी बोले: भारत में तरक्की का सबसे बड़ा राज अंग्रेजी शिक्षा, फिर ये दलित-आदिवासियों को क्यों नहीं मिलती

Thu, 24 Jul 2025 09:18 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

राहुल गांधी ने कहा कि तेलंगाना के पास 21वीं सदी का डाटा है, जो सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और वित्तीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि 50% आरक्षण की सीमा तोड़ने और शिक्षा, सरकारी नौकरियों और पंचायतों में आरक्षण लागू करने से भाजपा का राजनीतिक मॉडल खत्म हो जाएगा।  इसके अलावा, उन्होंने भारत में तरक्की का कारण अंग्रेजी शिक्षा बताया।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी। - फोटो : एक्स/एएनआई
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विस्तार
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लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे हाथ में क्या है। 1950, 60 और 70 के दशक में जब पूछा जाता था कि ताकत कहां से आती है, तो जवाब होता था- जिनके पास तेल है। उसे 'काला सोना' (ब्लैक गोल्ड) कहा जाता था। लेकिन आज अगर यही सवाल पूछा जाए कि आज के समय में ताकत की परिभाषा क्या है, तो जवाब होगा – डाटा। आज तेलंगाना के पास 21वीं सदी का सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और वित्तीय डाटा है। 
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उन्होंने आगे कहा, आज भारत का कोई भी राज्य इतने सटीक तरीके से लक्षित विकास नहीं कर सकता है, जितना तेलंगाना कर सकता है। यह केवल एक सामाजिक औजार नहीं, बल्कि आर्थिक और राजनीतिक औजार भी है। भाजपा को यही बात पसंद नहीं है कि यह एक राजनीतिक औजार भी बन गया है। 

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उन्होंने आगे कहा, सच्चाई यह है कि 50 फीसदी आरक्षण की सीमा को तोड़ने का विचार और दो अहम मुद्दे – शिक्षा व सरकारी नौकरियों में आरक्षण और ग्राम पंचायत स्तर पर आरक्षण– हिंदुत्व की राजनीति को पूरी तरह खत्म कर सकते हैं। सरकार इसे जानती है, हम भी जानते हैं। इसलिए जब हमने दबाव डाला, तो भाजपा को सुनना पड़ा। उनके पास कोई विकल्प नहीं था। 
उन्होंने आगे कहा, मुझे पता है कि भाजपा जाति जनगणना सही तरीके से नहीं करेगी, क्योंकि वह प्रधानमंत्री को ओबीसी, दलित, आदिवासी और सामान्य जातियों की असली स्थिति नहीं बता सकते। अगर वह सच्चाई बता दे और देश को यह पता चल जाए, तो उनकी पूरी विचारधारा खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा,  भाजपा यह नहीं दिखाना चाहती कि ओबीसी, दलित, आदिवासी और यहां तक कि सामान्य जातियों की असल स्थिति क्या है, क्योंकि अगर यह सच्चाई देश के सामने आ गई, तो भाजपा का पूरा राजनीतिक मॉडल खत्म हो जाएगा। 

उन्होंने आगे कहा, शिक्षा में प्रगति के लिए सबसे जरूरी चीज क्या है? अंग्रेजी। भारत में सफलता और तरक्की का सबसे बड़ा कारण आज अंग्रेजी शिक्षा है। उन्होंने आगे कहा, आज अंग्रेजी में मिली शिक्षा, क्षेत्रीय भाषा या यहां तक कि हिंदी की तुलना में ज्यादा असरदार है। यह सुनने में हैरानी वाली बात है, लेकिन यह सच है। मैं ये नहीं कह रहा कि हिंदी या क्षेत्रीय भाषाएं जरूरी नहीं हैं। वे भी बहुत जरूरी हैं। लेकिन आज की तारीख में जो चीज भारत में तरक्की तय करती है, वह अंग्रेजी शिक्षा है। 

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राहुल गांधी ने कहा कि हमें हिंदी, तमिल, कन्नड़ जैसी भाषाओं की शिक्षा देनी चाहिए, लेकिन उसी के साथ-साथ अंग्रेज भाषा भी सिखानी चाहिए। यह अजीब लग सकता है, लेकिन यह ऐतिहासिक सच्चाई है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, जो भाजपा नेता कहते हैं कि अंग्रेजी हटाई जानी चाहिए, उनसे पूछिए, उनके बच्चे किस स्कूल या कॉलेज में पढ़ते हैं? जवाब यही होगा – अंग्रेजी मीडियम स्कूल। 

उन्होंने कहा, केंद्र सरकार आरक्षण के दो अहम मुद्दों को मानने से इनकार कर रही है – एक- शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण और दूसरा- पंचायत राज के तीसरे स्तर यानी ग्राम पंचायत में आरक्षण। अगर यह लागू हो गया तो हिंदुत्व की राजनीति खत्म हो जाएगी। भाजपा को भी यह पता है और हमें भी। जब हमने दबाव डाला, तो भाजपा को हमारी बात सुननी पड़ी। उनके पास कोई और रास्ता नहीं था। राहुल गांधी ने सवाल उठाया, फिर वही मौका देश के सबसे गरीब इंसान को क्यों नहीं दिया जाना चाहिए? दलित, आदिवासी और ओबीसी बच्चों और महिलाओं को क्यों नहीं? 

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