कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने लॉकडाउन की वजह से विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य वापस भेजने के लिए संचालित की जा रहीं ट्रेनों का किराया कामगारों से वसूलने को लेकर सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि एक तरफ रेल मंत्रालय पीएम केयर्स फंड में दान दे रहा है तो दूसरी तरफ मजदूरों से किराया वसूल रहा है।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'एक तरफ रेलवे दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों से टिकट का भाड़ा वसूल रही है वहीं दूसरी तरफ रेल मंत्रालय पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रुपए का चंदा दे रहा है। जरा ये गुत्थी सुलझाइए।' बता दें कि राज्य सरकारों के अनुरोध पर रेल मंत्रालय श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है। जिसके जरिए फंसे हुए कामगारों, छात्रों, श्रद्धालुओं आदि को वापस उनके राज्य भेजा रहा है।
कांग्रेस की प्रदेश इकाइयां प्रवासी मजदूरों के घर लौटने का खर्च वहन करेंगी: सोनिया
इससे पहले सोमवार को कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस कामगारों के घर लौटने का खर्च वहन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक और कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी और जरूरी कदम उठाएगी। सोनिया ने श्रमिक व कामगारों को देश की रीढ़ की हड्डी बताया।
सोनिया गांधी ने कहा, 'श्रमिक व कामगार देश की रीढ़ की हड्डी हैं। उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है। सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाऊन करने के कारण लाखों श्रमिक व कामगार घर वापस लौटने से वंचित हो गए। 1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए।'
उन्होंने कहा, 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मेहनतकश श्रमिकों व कामगारों की इस निशुल्क रेलयात्रा की मांग को बार बार उठाया है। दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने। इसलिए, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी। मेहनतकशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के मानव सेवा के इस संकल्प में कांग्रेस का यह योगदान होगा।'