कर्नाटक में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। सभी दल चुनाव जीतने के लिए रैलियां कर रहे हैं। सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कर्नाटक पहुंचे। राहुल ने बेलगावी के रामदुर्ग में गन्ना किसानों को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर हमारी सरकार केंद्र में आती है तो हम जीएसटी हटा देंगे।
बेलगावी पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गन्ना किसानों को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार आज सिर्फ दो-तीन व्यापारियों पर फोकस कर रही है। लेकिन ध्यान की अधिक जरूरत किसानों, मजदूरों और वेंडर्स को है। बड़े कारोबारियों को आसानी से लोन मिल जाता है, अदाणी जी, अंबानी जी के पास लाखों-करोड़ों का लोन है। वह जैसे बैंक में जाते हैं, वैसे ही उन्हें पैसा मिल जाता है। अगर उन्हें कोई मुश्किल हो जाए और वह चुका न पाएं तो आसानी से माफ भी हो जाता है।
किसानों के साथ न्याय होना चाहिए
वहीं हमारे किसानों, मजदूरों को पहले तो लोन नहीं मिलता, अगर लोन मिल जाए तो माफ भी नहीं हो पाता। लेकिन कांग्रेस ने किसानों का 72 हजार रुपए लोन माफ किया था। आमतौर पर किसानों का कर्जा माफ नहीं किया जाता। मैं कहता हूं कि न्याय होना चाहिए। अगर अरबपतियों का कर्जा माफ करते हैं तो किसानों का कर्जा भी माफ किया जाना चाहिए या फिर किसी का भी लोन माफ नहीं होना चाहिए।
जीएसटी के कारण छोटे व्यापार बंद हुए
राहुल गांधी ने कहा कि सिर्फ अमीर लोगों की मदद करने के लिए जीएसटी लागू किया गया है। सरकार द्वारा लागू किया गया, यह टैक्स काफी मुश्किल है, जिस वजह से आधे लोगों को तो समझ ही नहीं आता कि इसे कम और कैसे फाइल करना है। इसी वजह से छोटे व्यवसाय बंद हो जाते हैं। केंद्र में जब हमारी सरकार आएगी, वैसे ही हम जीएसटी को खत्म कर देंगे और एक नया टैक्स लाएंगे, जो काफी आसान होगा।
पूर्व सीएम ने भी भाजपा पर निशाना साधा
कांग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक की जनता भाजपा सरकार को अब रास्ता दिखाना चाहती है। भाजपा अब पिछले पांच सालों की तरह जनता को गुमराह नहीं कर सकती। 2013 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश मिला। मैं मुख्यमंत्री बना, मेरी सरकार ने 2013 से 2018 तक पांच सालों में बेहतर काम किया। लेकिन भाजपा के फर्जी प्रोपेगैंडा चलाया। उन्होंने मुझे हिंदू विरोधी और बहुसंख्यक के खिलाफ बताया। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। लेकिन जनता इस बार उनके प्रोपेगैंडा पर विश्वास नहीं करेगी, क्योंकि वह जानते हैं कि भाजपा के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। भाजपा ने 2018 चुनावों में राज्य के जनादेश को झूठे प्रचार से प्राप्त कर लिया था, लेकिन इस बार ऐसा करना मुश्किल होगा।