फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांधी की 150वीं जयंती की तैयारी, बैठक में नहीं पहुंचे सोनिया और राहुल गांधी

Thu, 03 May 2018 01:59 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की तैयारी के लिए राष्ट्रपति द्वारा बुलाई गई बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा नहीं पहुंचे। 

विज्ञापन


इस समारोह की रूपरेखा पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय समिति की बैठक में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद व लालकृष्ण आडवाणी सहित केंद्रीय मंत्री शामिल रहे। बैठक में 23 राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। यह कार्यक्रम इस वर्ष 2 अक्तूबर से शुरू होकर 2 अक्तूबर 2020 तक चलेगा।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि पूरा विश्व आतंकवाद और अन्य प्रकार की जैसी हिंसा का सामना कर रहा है, वैसे में गांधी का अहिंसा का सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी भारत की अंतरात्मा के रखवाले थे। वह हमारे अतीत, वर्तमान और वही हमारे भविष्य हैं। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि देश को अगले साल महात्मा गांधी की जयंती को पूरे दमखम के साथ मनाना चाहिए, सांकेतिक रूप में नहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें महज श्रद्धांजलि दे देना ही काफी नहीं है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह लोगों के दिलों में रहें।

कार्यक्रम के बाद एक ट्वीट में मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व इसलिए किया, ताकि हमारी पीढ़ियां आजाद माहौल में सांस ले सकें। इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि उनका मंत्रालय 193 देशों में इस आयोजन को करने की योजना बना रहा है। 

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने 150वीं जयंती को शांति एवं मेल-मिलाप वर्ष के तौर पर मनाने का प्रस्ताव दिया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गांधी के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने के लिए उन्होंने पहले ही ‘बापू आपके द्वार’ कार्यक्रम शुरू कर दिया है।

विज्ञापन

150वीं गांधी जयंती पर विश्व शांति सम्मेलन

\
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को सुझाव दिया कि अगले साल महात्मा गांधी की 150वीं जयंति के अवसर पर सरकार को विश्व शांति सम्मेलन का आयोजन करना चाहिए। साथ ही अगले वर्ष को सांप्रदायिक सद्भाव वर्ष के रूप में मनाएं। बैठक में शिरकत कर रहीं ममता ने यह बात कही। 

संविधान की प्रस्तावना में शामिल की जाए अहिंसा
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने धर्म और जाति के नाम पर हिंसा फैलाने वालों पर जमकर निशाना साधा और संविधान की प्रस्तावना में अहिंसा को शामिल करने की बात कही। 

राष्ट्रीय समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि संविधान की प्रस्तावना में अहिंसा को शामिल करके भारत गांधी की 150वीं जयंती पर उन्हें महानतम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकता है। बिना शांति की स्थापना के तरक्की हासिल नहीं की जा सकती है। तरक्की के लिए ऐसे लोगों की हार जरूरी है जो समाज को वर्ग, जाति और धर्म के आधार पर बांटते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें