यूपी की सियासत में लगातार बदले हालात के दौर में इस बात के भी कयास लगाए जाने लगे हैं कि अखिलेश अब कदम पीछे नही खीचेंगे और अगर जरूरत हुई तब वह अलग सियासी दल भी बना सकते हैं। वैसे इस कयास ने विरोधी दलों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि ऐसा होने पर प्रदेश में होने वाले चुनाव में राजनीतिक समीकरण क्या होंगे ? दरअसल, अखिलेश के अलग सियासी दल बनाने के कयास को बल मिला है मुलायम यादव और शिवपाल यादव के आरोप से।
रामगोपाल की तरफ से रविवार को खुला पत्र लिखने के बाद मुलायम सिंह खेमे से आरोप लगे कि पत्र लिखने वाले चुनाव आयोग जाकर अलग पार्टी बनाने की कोशिश में लगे हैं। दोपहर बाद शिवपाल यादव ने तो मीडिया के सामने ही साफ कर दिया कि रामगोपाल यादव तीन बार चुनाव आयोग गए। उसके बाद शिवपाल खेमे की तरफ से दिल्ली में यहां तक चर्चा फैल गई कि अखिलेश अलग दल बना रहे हैं। उनके दल का नाम प्रगतिशील समाजवादी पार्टी होगा और चुनाव चिह्न मोटरसाइकिल संभावित है।
हालांकि अखिलेश ने यह कहकर कि वह सपा से अलग नहीं जा रहे है और पिता मुलायम सिंह से उनका कोई विरोध नहीं हैं। वैसे चुनाव आयोग की तरफ से इस बाबत कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इतना जरूर जानकारी में आया है कि मंगलवार को विधानसभा क्षेत्र की समस्या के सिलसिले में जरूर सपाई चुनाव आयोग गए थे।