राजनीति में टाइमिंग बहुत मायने रखती है लेकिन राजस्थान के नागौर में दलित युवकों की पिटाई के मामले में राहुल गांधी फिर चूक कर गए। राहुल ने बृहस्पतिवार दोपहर 1.20 मिनट पर अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के लिए जिस समय ट्वीट किया उस वक्त तक सभी सातों आरोपियों को राजस्थान पुलिस गिरफ्तार कर चुकी थी। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राहुल के ट्वीट के ठीक एक घंटे बाद कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी।
राहुल ने ट्वीट किया कि राजस्थान के नागौर में दो युवा दलितों के साथ क्रूरतापूर्वक अत्याचार किए जाने का वीडियो भयानक है। मैं राज्य सरकार से इस चौंकाने वाले अपराध में शामिल अपराधियों पर तत्काल कार्रवाई करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने का आग्रह करता हूं। राहुल का यह ट्वीट उस समय आया जब राज्य सरकार हरकत में आ चुकी थी और मीडिया में इस घटना को लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठ रहे थे।
यही कारण है कि राज्य सरकार के मुखिया गहलोत ने ठीक एक घंटे बाद ट्वीट कर बताया कि नागौर में भयावह घटना में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की गई है। सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों को कानून के अनुसार सजा दी जाएगी। हम सुनिश्चित करेंगे कि पीड़ितों को न्याय मिले।
दिल्ली में दोपहर ढाई बजे कांग्रेस के मंच से प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि घटना पर सवाल उठना वाजिब है। राज्य की कांग्रेस सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा भी दे दिया गया है। हम इस प्रकार की किसी घटना को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा, देश मोदी जी और गुजरात के सीएम विजय रूपानी से उस दलित फौजी के बारे में भी पूछता है जो शादी के लिए घोड़ी पर सवार हुआ तो उसकी पिटाई हुई और अपमानित किया गया। दोषियों को अभी तक सजा नहीं दी गई। भाजपा की उत्तराखंड सरकार का दलित विरोधी चेहरा दिखाई दिया अभी तक सुप्रीम कोर्ट में एससी-एसटी को लेकर आए फैसले पर रिव्यू दायर नहीं की गई।