पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस समय किसी भी मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। चाहे वह कोरोना से जंग का मामला हो या चीन से सीमा विवाद का। अब उन्होंने आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस महामारी को रोकने में असफल रहने वाली सरकार अब भी लोगों को झूठे सपने दिखा रही है। यह बात उन्होंने पिछले कुछ महीनों में लाखों लोगों के अपनी भविष्य निधि की राशि निकालने से संबंधित एक खबर का हवाला देते हुए कही।
खेड़ा ने कुछ कागजात जारी करते हुए वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कहा, ‘डोंगफेंग नामक कंपनी विश्व के अनेक देशों में सक्रिय है और पाकिस्तान के साथ इसके विशेष संबंध हैं। पावर ग्रिड, स्मार्ट मीटर, मीटर के अंदर लगने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी टेक्नोलॉजी आदि में यह कंपनी व्यापक समाधान के लिए जानी जाती है।’ कांग्रेस के इस दावे पर भाजपा अथवा सरकार की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वहीं, कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में बिजली का स्मार्ट लगाने की प्रक्रिया में ‘रिमोट कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी’ का ठेका चीन की कंपनी ‘डोंगफेंग’ को मिला है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने यह सवाल भी किया कि जब चीन से संबंधित विभिन्न ऐप पर पाबंदी लगाई जा रही है तो फिर जम्मू-कश्मीर में एक महत्वपूर्ण ठेका चीनी कंपनी को क्यों दिया गया?
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को कहा कि कोरोना महामारी से देश के उबरने के बाद कांग्रेस को जमीन पर उतरकर लड़ाई लड़नी है। इसके लिए राहुल गांधी को फिर से पार्टी की कमान संभाल लेनी चाहिए क्योंकि इस लड़ाई में 'सेनानायक' की जरूरत पड़ेगी। रावत ने कहा, कोरोना के बाद हमें मैदान में उतरकर लड़ाई लड़नी है। इस लड़ाई में सबको उतरना पड़ेगा, लेकिन सेनानायक तो होना चाहिए।