भारत के पूर्व कप्तान और द वॉल से मशहूर राहुल द्रविड़ ने बैंगलोर विश्वविद्यालय की मानद डॉक्टरेट कि डिग्री लेने से इन्कार कर दिया। उन्होंने यह कहते हुए मना किया कि वह अपने खेल में रिर्सच समाप्त करने के बाद वो डाक्टर की डिग्री लेना पसंद करेंगे।
बैंगलोर विश्वविद्यालय के 52वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में विवि की ओर से राहुल के खेल के क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि देने का ऐलान किया गया। मगर द्रविड ने डिग्री लेने से इंकार कर दिया।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ''क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने सभी लोंगो के बीच में मानद उपाधि लेने से मना कर दिया''।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है कि द्रविड़ ने डॉक्टर कि मानक उपाधि लेने से मना किया हो इससे पहले भी उन्होंने गुलबर्गा विश्वविद्यालय की डॉक्टर की उपाधि लेने से मना कर दिया था।
आपको बता दें कि, द्रविड़ का बचपन बैंगलोर में ही बीता। उनकी स्कूली शिक्षा बैंगलोर के सेन्ट जोसेफ स्कूल से हुई। उसके बाद उन्होंने सेन्ट जोसेफ कॉलेज से कार्मस से ग्रेजुएट हैं। राहुल ने एमबीए भी इसी कॉलेज से किया है । इसी बीच उनका चयन राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में हुआ।
बहरहाल,16 साल क्रिकेट खेलने के बाद 2012 में राहुल द्रविड़ ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले लिया। द्रविड़ ने 1996 में अपने करियर की शुरुआत की। फिलहाल वो अभी भारत के अंडर-19 टीम के कोच हैं।