नरेंद्र मोदी ने गुरुवार शाम को दूसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। इसके अलावा 57 कैबिनेट मंत्रियों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में हुए इस कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को शामिल होने का न्योता मिला था और वह इसमें शिरकत करने के लिए पहुंचे भी। मगर निमंत्रण के बावजूद कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी।
कांग्रेस शासित राज्यों- पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पुड्डुचेरी से कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए कोई नहीं पहुंचा। हालांकि जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी कार्यक्रम में शामिल हुए। माना जा रहा है कि कांग्रेस ने अपने नेताओं को ऐसा करने के लिए कहा हो। जबकि राहुल, सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने शपथ ग्रहण समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों में कैप्टन अमरिंदर सिंह, अशोक गहलोत, कमलनाथ, भूपेश बघेल और वी नारायण सामी नहीं पहुंचे। इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को मोदी सहित टीम के कुल 58 सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। जिसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत 24 कैबिनेट मंत्री, 24 राज्यमंत्री और 9 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शामिल हैं। मोदी की पहली सरकार में विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज व मेनका गांधी को इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। वहीं, सुषमा के साथ विदेश सचिव रहे सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी एस जयशंकर को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
भाजपा के दो सहयोगी जनता दल-यू और अपना दल सरकार में शामिल नहीं हुए हैं। मोदी के बाद सबसे पहले लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने शपथ ली। इसके बाद अमित शाह, नितिन गडकरी और सदानंद गौड़ा ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर पद शपथ ली। पिछली सरकार में रक्षा मंत्री रहीं निर्मला सीतारमण, सहयोगी दल लोजपा से प्रमुख रामविलास पासवान, फिर नरेंद्र सिंह तोमर, पटना साहिब से जीते रविशंकर प्रसाद ने भी मंत्री पद की शपथ ली।