उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मुंह से भला बुरा सुनने और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के मुंह से तारीफ सुनने के कुछ घंटे बाद समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने द टेलीग्राफ को दिए एक इंटरव्यू में अखिलेश यादव और राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। पढ़िए इस इंटरव्यू के मुख्य अंश...
सवालः मुख्यमंत्री और जननेता के तौर पर आप अखिलेश यादव को 1 से 10 में से कितने नंबर देंगे?
अमर सिंहः बहुत बढ़िया और बहुत सफल.. लेकिन जननेता बनने में समय लेगा। वह युवा है और उनके सामने एक लंबी पारी खेलने का मौका है, लेकिन मुख्यमंत्री के अपने पहले कार्यकाल में उनका फोकस विकास पर रहा है, जोकि बहुत ही अच्छा है। इसमें कोई शक नहीं।
हालांकि कल और आज में फर्क होता है, युवाओं के साथ सांगठनिक मजबूती और अनुभव बहुत ही महत्वपूर्ण है। आप ये देखिए कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, लेकिन वे ऐसा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बिना नहीं कर सकते थे। आरएसएस के बिना वह क्या हैं? अगर आरएसएस उनके साथ नहीं होता, तो वह प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार भी नहीं बन पाते। शुरुआत से ही प्रधानमंत्री कैंडिडेट बनने के लिए भी उन्हें मोहन भागवत के प्रति ईमानदार होना पड़ा।
ऐसे ही, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की राजनीति में अब तक मुलायम सिंह यादव ही बॉस हैं।
'जहां, सत्ता है, पद है, वहां राजनीति भी होगी'
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सवालः समाजवादी पार्टी के मौजूदा कलह का हल क्या है?
अमर सिंह: इस सवाल के जवाब में एक दूसरा सवाल रखता हूं। पिनयारी विजयन और वी. एस. अच्युतानंदन का क्या हुआ? प्रणब मुखर्जी और पी. चिदंबरम के बीच रहे कलह के बारे में क्या कहेंगे? लोकतंत्र में कलह कोई नई चीज नहीं है। किसी भी संगठन में जहां, सत्ता है, पद है, वहां राजनीति भी होगी। यह मानव स्वभाव है।
सवालः आरोप लगाया जा रहा है कि बीजेपी ने आपको सपा में प्लांट किया है और इस कलह के लिए आप ही जिम्मेदार हैं?
अमर सिंहः मैं इस सवाल का जवाब नहीं दूंगा, क्योंकि इसका कोई मतलब नहीं है। हमारे पार्टी अध्यक्ष (मुलायम ने सोमवार को पार्टी नेताओं की बैठक में अमर सिंह को अपना भाई बताने के साथ जमकर तारीफ की) के ताजा बयान के बाद इसका कोई मतलब नहीं रह गया है। इसलिए मैं इसका जवाब नहीं दूंगा।
'राहुल गांधी मेरे प्रिय दोस्त'
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सैनिकों की शहादत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े राहुल गांधी के आरोपों को लेकर एक सवाल के जवाब में अमर सिंह ने कहा, 'मैं समझता हूं कि राहुल गांधी देश के उन नेताओं में से है जिन्हें कम करके आंका गया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष इस गलत छवि के शिकार हो गए हैं, जो उन्हें लेकर बुनी गई है। मैं उन्हें बहुत अच्छी तरह नहीं जानता, लेकिन पिछले कुछ सालों में हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए हैं।'
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बहुत अच्छे जानकार और पढ़े लिखे आदमी हैं। उनसे कुछ भी पूछ लीजिए.. शीत युद्ध से लेकर हिज्बुल्ला तक.. आप उनके ज्ञान को देखकर हैरान रह जाएंगे। वह बहुत ही बुद्धिमान, विनम्र और अपनी गलतियों को स्वीकारने और सीखने वाले व्यक्ति है.. बिना किसी अहंकार के।
राहुल गांधी के खून की दलाली वाले बयान पर अमर सिंह ने कहा कि पिछले हफ्ते जब मैं उनसे डिनर पर मिला, तो मैंने उनसे कहा कि आपका ऐसा कहना मुझे सही नहीं लगता। कुछ लोग इसको नकारात्मक तरीके से ले सकते हैं, लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष का कहना था कि इसकी चिंता मैं क्यों करूं? तब मैंने उनसे कहा कि आपका अभिप्राय सही था, लेकिन आपने अपने ही स्टेटमेंट का गलत अर्थ निकाले जाने के लिए स्कोप छोड़ दिया।