जोधपुर के करीब बुधवार से अगले पांच दिन तक भारत और फ्रांस के राफेल लड़ाकू विमानों का जलवा देखने को मिलेगा। दोनों देशों की वायुसेनाएं यहां पांच दिवसीय ‘एक्स-डेजर्ट नाइट 21’ नाम से होने जा रहे विशाल हवाई युद्धाभ्यास में शिरकत करेंगी।
भारतीय वायुसेना के मुताबिक, इस संयुक्त अभ्यास में वह पिछले साल अगस्त में शामिल किए गए राफेल विमानों के अलावा एसयू-30 एमकेआई (सुखोई) और मिराज-2000 लड़ाकू विमानों को भी उतारेगी। इसके अलावा इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना की तरफ से हवा में ही दूसरे विमान में ईंधन भरने वाला रिफ्यूलिंग विमान आईएल-78 और हवाई हमला चेतावनी व नियंत्रण सिस्टम (अवाक्स) भी शामिल किए जाएंगे। फ्रांसीसी वायुसेना की तरफ से राफेल विमान, एयरबस ए-330 मल्टीरोल टैंकर ट्रांसपोर्ट, ए-400एम टेक्टिकल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 175 सैनिक अभ्यास में हिस्सा लेंगे।
भारतीय वायुसेना ने कहा, यह अभ्यास बेहद अनूठा है, क्योंकि इसमें दोनों पक्षों की तरफ से राफेल विमान शामिल हो रहे हैं और यह दो बेहतरीन वायुसेनाओं के बीच बढ़ते मेलजोल का भी संकेत है। वायुसेना ने कहा, दोनों पक्ष 20 जनवरी से हवाई अभ्यास शुरू होने के साथ ही दोनों पक्ष विभिन्न संचालन अनुभवों का अभ्यास करेंगे और आपसी पारस्परिकता बढ़ाने के लिए विचारों व श्रेष्ठ परंपराओं को साझा करेंगे।
भारत और फ्रांस की वायुसेनाएं आपसी परिचालन सहयोग बढ़ाने के लिए छह ‘गरुड़’ अभ्यास आयोजित कर चुकी हैं। आखिरी बार यह अभ्यास फ्रांस के मोंट-डि-मरासम में 2019 में आयोजितत किया गया था। इस बार ‘एक्स-डेजर्ट नाइट 21’ अभ्यास ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा विवाद के कारण भारतीय वायुसेना पूरे देश में अपने सभी अग्रिम बेस पर तत्काल हमला करने को लेकर पूरी तैयारी के साथ हर समय हाई अलर्ट की स्थिति में है।