रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने लड़ाकू विमान राफेल के पुर्जे बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी सफ्रान को रविवार को सुझाव दिया कि वह गोवा में अपना कारखाना लगाए। गौरतलब है कि भारत ने हाल ही में राफेल विमान के लिए फ्रांस से करार किया है।
रक्षा मंत्री ने रविवार को उत्तरी गोवा में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और सफ्रान के संयुक्त उपक्रम के उद्घाटन के मौके पर कहा कि उन्होंने फ्रांसीसी कंपनी से कहा है कि वह राफेल सौदे से पैदा हुए अवसर का लाभ उठाए। उन्होंने बताया कि इस सौदे में करीब 30 हजार करोड़ के पुर्जे खरीदे जाने हैं। मंत्री ने कहा कि उन्होंने सफ्रान से कहा है कि अगर वह इसके लिए छोटा कारखाना लगाना चाहती है तो गोवा में लगाए। मंत्री ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो गोवा इस कार्य के लिए पूरा तकनीकी सहयोग देगा। परिकर ने कहा कि गोवा की सरकार फ्रांसीसी कंपनी को इंजन बनाने का कारखाना लगाने के लिए जमीन और अन्य सुविधाएं देने को तैयार है।
एचएएल और सफ्रान के संयुक्त उद्यम का नाम हेलीकॉप्टर इंजन एमआरओ प्राइवेट लिमिटेड है। यह एक हेलीकॉप्टर मेंटेनेंस प्लांट है। इसके उद्घाटन के मौके पर गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर और दोनों कंपनियों के अधिकारी मौजूद थे। इस संयुक्त उपक्रम में दोनों पक्ष चरणबद्ध तरीके से 170 करोड़ का निवेश करेंगे।
...तो आयुध कारखानों से बेहतर हथियार बनाते हैं चारी समुदाय के लोग
रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने रविवार को गोवा में कहा कि अपने निर्माण कौशल के लिए विख्यात चारी समुदाय के लोग संभवत: आयुध कारखानों से बेहतर हथियार बनाते हैं। उन्होंने गोवा के चारी समुदाय में प्रतिभा की कमी नहीं है। परिकर ने कहा कि जब वह गोवा के मुख्यमंत्री बने थे तो अवैध हथियारों पर अंकुश लगाना उनके लिए मुश्किल हो गया था। संभवत: चारी समुदाय के लोग आयुध कारखानों से बेहतर हथियार बनाते हैं। उनके पास प्रतिभा है। जरूरत है उनकी प्रतिभा का उपयोग सकारात्मक कार्य के लिए करने की जरूरत है। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जा सकता है।