हिंद महासागर में लगातार अपना दबदबा कायम करने में जुटे चीन को भारतीय सेना के चार राफेल लड़ाकू विमानों ने लगातार छह घंटे तक युद्धाभ्यास कर अपनी ताकत का अहसास करा दिया है। राफेल लड़ाकू विमानों ने हिंद महासागर क्षेत्र के ऊपर छह घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरकर नई रणनीतिक उपलब्धि हासिल की है। इस अभियान में वायुसेना ने लंबी दूरी की युद्धक क्षमता का महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया है।
अभियान से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, विमानों ने पूर्वी सेक्टर के हासीमारा वायुसेना स्टेशन से उड़ान भरी और अपने मिशन को अंजाम दिया। अभियान के तहत कई तरह के युद्धाभ्यास और मॉक ड्रिल शामिल थे। लक्ष्य पूरा करने के बाद राफेल अपने बेस स्टेशन पर लौट आए।
भारतीय वायुसेना ने भी मिशन के बारे में ट्वीट किया कि भारतीय वायुसेना अपने पंख फैला रहा है। चार भारतीय वायुसेना के राफेल विमान ने हिंद महासागर क्षेत्र में छह घंटे से अधिक समय तक लंबी दूरी के मिशन के लिए उड़ान भरी। विमान ने अपने हथियार रिलीज प्वाइंट के रास्ते में एक बड़ी ताकत के माध्यम से मिशन को अंजाम दिया।
वायुसेना का बैकयार्ड है हिंद महासागर क्षेत्र
भारतीय वायुसेना ने इस मिशन को ऐसे समय में अंजाम दिया है, जब चीन हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ा रहा है। इसे काफी हद तक भारतीय नौसेना का बैकयार्ड माना जाता है। यह अभियान किस दिन चलाया गया, यह बताए बिना भारतीय वायुसेना ने मिशन के बारे में ट्वीट किया, चार भारतीय वायुसेना के राफेल ने हिंद महासागर (आईओआर) क्षेत्र में छह घंटे से अधिक समय तक एक लंबी दूरी के मिशन के लिए उड़ान भरी। विमान ने रास्ते में एक बड़ी ताकत के माध्यम से ‘लड़ाई’ भी लड़ी।
रूस से सुखोई जेट आयात किए जाने के बाद 23 साल में राफेल जेट भारत का लड़ाकू विमानों का पहला बड़ा अधिग्रहण है। राफेल जेट कई शक्तिशाली हथियारों को ले जाने में सक्षम हैं। वहीं इससे पहले अमेरिका के राजदूत गार्सेटी ने भी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर अपनी बात रखी थी और कहा था हिंद-प्रशांत भारत के बिना संभव नहीं।
ब्रह्मोस आज का ब्रह्मास्त्र : सीडीएस
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल मौजूदा दौर में भारत का ब्रह्मास्त्र है। ब्रह्मोस मीट, 2023 कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ब्रह्मोस के हमले को नाकाम कर पाना लगभग असंभव है। आत्मनिर्भरता का मतलब यह नहीं कि हम हर चीज का उत्पादन भारत में करने लग जाएं। भारत जैसे विकासशील देश के लिए अचानक यह सब कर पाना संभव भी नहीं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शुरू किए गए आत्मनिर्भर भारत अभियान से भारत को रणनीतिक आत्मनिर्भरता हासिल करने में बड़ी मदद मिल रही है।
चीन सीमा पर खली ब्रह्मोस की कमी : वायुसेना प्रमुख
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा, सुखोई एसयू-30 में ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात किए जाने से वायुसेना की हमलावर क्षमता में इजाफा हुआ है। 2020 में चीन के साथ टकराव के दौरान यह महसूस किया गया कि इस तरह के संघर्ष में भारत सटीक जमीनी हमलों के लिए ऐसे हथियार का इस्तेमाल कर सकता है। लिहाजा, ब्रह्मोस की उन्नत पीढ़ी की मिसाइलों को इस लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा, ताकि इन्हें मिग-29, मिराज 2000 में फिट किया सके और सटीक जमीनी हमले किया जा सकें।
भारत की सुरक्षा की परवाह- एरिक गार्सेटी
एरिक गार्सेटी ने भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग पर कहा कि हम भारत की सुरक्षा की परवाह करते हैं। हम चाहते हैं कि भारत सुरक्षित रहे और हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए भारत के साथ काम करना चाहते हैं। इसलिए यह वह जगह है जहां हम संरेखित हैं। भारत के बिना हिंद प्रशांत क्षेत्र संभव नहीं है।