बंगलूरू बेस्ड रक्षा क्षेत्र का सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का कहना है कि उसे वर्तमान परिस्थिति में राफेल सौदे में कोई दिलचस्पी नहीं है। बता दें कि यूपीए शासन की डील के अनुसार भारतीय वायुसेना को 126 राफेल विमान मिलने थे। जिसमें से 16 को फ्रांस की कंपनी डिलीवर करती और बाकी के 108 विमानों का निर्माण एचएएल को करना था।
अब राफेल का निर्माण दसॉल्ट के साथ मिलकर अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस कर रही है। इसी को लेकर एचएएल का बयान आया है। कंपनी के अध्यक्ष और एमडी आर माधवन का कहना है, 'अभी तक यह 36 विमानों की सीधी खरीद है तो इसमें निर्माण जैसा कुछ नहीं है। यही कारण है कि हम इसमें दिलचस्पी नहीं रखते हैं। यदि यह निर्माण की बात है तो हमें इसमें दिलचस्पी है। हमें ऑफसेट या सीधी खरीद में कोई दिलचस्पी नहीं है।'
माधवन ने आगे कहा, 'हमने एक प्रस्ताव रखा है और हमें उम्मीद है कि हमें भविष्य में सुखोई (सुखोई-30 लड़ाकू विमान) का एक स्कवैड्रन मिल जाएगा।'
कंपनी के निदेशक सीबी अनंतकृष्णन ने कहा, 'कंपनी की वित्तीय स्थिति बहुत स्थिर और मजबूत है। जहां तक वित्त की बात है तो कोई समस्या नहीं है। हमारे रिजर्व और सरप्लस (बचत) 12,000 करोड़ हैं जो अच्छा है। हमारी लाभप्रदता बढ़ रही है।'