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रक्षा सौदों की रिपोर्टों को इस वजह से ऑनलाइन नहीं कर रहा सीएजी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अजय सिंह Updated Wed, 19 Dec 2018 08:31 AM IST
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राफेल विमान

राफेल डील मामले में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट काफी चर्चा में रही। सुप्रीम कोर्ट के राफेल पर फैसले के बाद केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया गया। जिसमें सीएजी की रिपोर्ट से संबंधित एक संशोधन की बात कही गई। 



केंद्र ने कहा कि राफेल की कीमत को लेकर हमने सीलबंद लिफाफे में जो जानकारी दी थी, उसमें केवल सीएजी की रिपोर्ट को पीएसी के पास भेजने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया था। हमने ये बिल्कुल नहीं कहा था कि सीएजी की रिपोर्ट पीएसी के साथ साझा की गई थी और रिपोर्ट को संसद में रखा गया था। अब राफेल मामले पर सीएजी की रिपोर्ट एक बार फिर चर्चा में है। अब माना जा रहा है कि 59 हजार करोड़ रुपये की राफेल डील की रिपोर्ट ऑनलाइन देखने को नहीं मिलेगी।  


इसके लिए सीएजी ने बीते साल अपने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सामान्य तौर पर रक्षा सौदों से संबंधित रिपोर्टों को वेबसाइट पर न डाला जाए। अक्तूबर 2017 के बाद से अब तक सात डिफेंस रिपोर्ट संसद में पेश की गई हैं। इनमें से पांच तो पिछले मानसूत्र के दौरान ही पेश की गई थीं। लेकिन इनमें से एक भी आपको ऑनलाइन वेबसाइट पर देखने को नहीं मिलेगी। जबकि अन्य मामलों से संबंधित रिपोर्ट इस वेबसाइट पर देखने को मिल जाएंगी।  


जानकारी के लिए बता दें सीएजी को अपनी सभी रिपोर्ट संसद में पेश करनी होती हैं जिन्हें पब्लिक डॉक्यूमेंट माना जाता है। वहीं अगर इन्हें वेबसाइट पर नहीं डाला जाता तो ये लोगों की पहुंच से बाहर रहती हैं। अभी तक सीएजी ने साल 2016 में हुई राफेल डील पर अपनी रिपोर्ट को फाइनल नहीं किया है। यह डील फ्रांस की कंपनी दसॉ एविएशन के साथ की गई थी, जिसमें भारतीय वायुसेना को 36 राफेल विमान मिलने थे। सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार सीएजी राफेल डील पर अलग से कोई रिपोर्ट तैयार नहीं करेगा बल्कि हाल ही में हुए सभी रक्षा सौदों पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। जिसमें राफेल डील की जानकारी महज एक चैप्टर की तरह होगी। 


बता दें डिफेंस डील पर जो भी रिपोर्ट सीएजी तैयार करता है उसे फाइनल करने से पहले वह रक्षा मंत्रालय के साथ एक बैठक करता है। राफेल सौदे पर ये बैठक अभी तक नहीं हुई है। यह प्रक्रिया जनवरी तक पूरी होने के आसार हैं। बीते साल अक्तूबर में सीएजी ने अपनी विंग से कहा था कि ऑनलाइन रिपोर्ट में से कुछ कंटेंटे के साथ ही प्रेस रिलीज को भी वेबसाइट से हटा दिया जाए। जिसके बाद से अभी तक वेबसाइट पर कोई भी डिफेंस डील से संबंधित रिपोर्ट पब्लिश नहीं की गई है। 


मामले पर सीएजी के एक अधिकारी ने बताया कि सभी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय के अनुरोध पर हटाई गई हैं। क्योंकि इनमें बेहद संवेदनशील और गोपनीय जानकारी हैं, जिसमें भारत और चीन की सीमा सड़क से संबंधित भी हैं। 2017 में संसद में पेश की गईं इन रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 197 किमी की कम से कम 6 सड़कें ऐसी हैं जो सेना के विशेष वाहनों को चलाए जाने के योग्य नहीं हैं।

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