शीत अवकाश के बाद उच्चतम न्यायालय के खुलते ही बुधवार को राफेल लड़ाकू विमान सौदा फिर अदालत में दस्तक देगा। वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने बताया कि बुधवार को वह अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। इसके साथ-साथ यशवंत सिन्हा और उनके सहयोगी प्रशांत भूषण केन्द्र सरकार के दस्तावेज में संशोधन के आवेदन का विरोध करेंगे।
यशवंत सिन्हा का कहना है कि केन्द्र सरकार ने जानबूझकर पहले अदालत को गलत जानकारी दी। इस जानकारी का असर राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर दायर याचिका पर पड़ा। सिन्हा ने कहा कि हम अपनी याचिका में उच्चतम न्यायालय से केवल सौदे की जांच के लिए एसआईटी बनाने की ही मांग कर रहे हैं। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। हालांकि सिन्हा ने कहा कि पुनर्विचार याचिका के मामले अदालत रोटेशन के हिसाब से फैसला लेती है।