राफेल सौदे में भ्रष्टाचार को लेकर पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने सोमवार को कहा कि इस मामले में जेपीसी जांच का आदेश देने के अलावा मोदी सरकार के पास और कोई विकल्प नहीं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि फ्रांस की लोक अभियोजन सेवा ने अब 36 एयरक्राफ्ट की खरीद के लिए किए गए राफेल सौदे में भ्रष्टाचार, अनुचित प्रभाव डालने और घोर पक्षपात की जांच के लिए एक न्यायाधीश की नियुक्ति की है। सौदे में प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार अब बिल्कुल स्पष्ट है।
उन्होंने कहा, मोदी सरकार की संदेहास्पद चुप्पी भ्रष्टाचार को दबाने की इसकी गलत मंशा की ओर संकेत करती है। भाजपा सरकार का दोषियों की जांच करने और उन्हें दंडित करने से इनकार करना और भी आश्चर्यजनक है।
मोदी सरकार के पास एक ही रास्ता रह जाता है कि वह अपनी जवाबदेही स्वीकार करे और राफेल सौदे में भ्रष्टाचार के सभी तथ्यों, साक्ष्यों और आरोपों की संयुक्त संसदीय समिति द्वारा स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का आदेश दे।