सोशल मीडिया मुहिम- कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े कार्यकर्ता और हजारों युवा राष्ट्रव्यापी 'स्कूल ठीक करो' अभियान चला रहे हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के इंडस क्षेत्र में सीजेपी के अभियान से जुड़े एक कार्यकर्ता के पिता की मौत होने की घटना सुर्खियों में है। पीड़ित पक्ष ने राज्य में सत्ताधारी दल- भाजपा को घेरने का प्रयास किया है। सीजेपी ने स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट का आरोप लगाया है। मृतक की शिनाख्त एसके मोहम्मद मफिक के रूप में हुई है।
ऐसे आपराधिक कृत्यों पर सरकार को मंत्री का बयान क्या?
राज्य शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि इस घातक हमले में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। पॉल ने कहा कि भारत भर में लाखों भाजपा कार्यकर्ता हैं। हमारी पार्टी के लिए हर कार्यकर्ता के चरित्र को सुधारना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हम तृणमूल कांग्रेस नहीं हैं। हम व्यक्ति की मृत्यु के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति को गिरफ्तार करेंगे। भाजपा के लिए काम करने से किसी को भी किसी पर जूता फेंकने का भी अधिकार नहीं मिल जाता।
सीजेपी का बयान, मृतक की पत्नी क्या बोलीं?
सीजेपी का आरोप है कि स्कूल ठीक करो अभियान के तहत एक सरकारी स्कूल का जायजा लेने के बाद बांकुड़ा जिले के कारिसुंडा इलाके में अब्दुल के घर पर हमला हुआ। अब्दुल ने 13 अगस्त को गांव के स्थानीय सरकारी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेने के लिए देशव्यापी स्कूल ठीक करो अभियान में हिस्सा लिया था। सीजेपी का आरोप है कि उसी शाम हथियारबंद लोग जबरन अब्दुल के घर में घुस गए। आरोप है कि हमलावरों की पहचान भाजपा कार्यकर्ता के रूप में हुई। हमले के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने से शनिवार को अब्दुल के पिता माफिक की मौत हो गई। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, यह बेहद निंदनीय हरकत है। हम सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए एक अभियान चला रहे हैं जिसका समर्थन सभी राजनीतिक विचारधाराओं के लोगों को करना चाहिए। फिर भी, भाजपा कार्यकर्ता लोगों को डराने-धमकाने के लिए ऐसी हरकतें करते हैं।
अब्दुल के आरोप कितने गंभीर?
अब्दुल ने 13 अगस्त 2026, गुरुवार को एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भाजपा कार्यकर्ता उनके घर आए और उन्होंने तथा उनके पिता पर हमला किया। यह घटना उनके प्राथमिक स्कूल का सर्वेक्षण करने के कुछ घंटों बाद हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनसे स्कूल की स्थिति पर चिंता जताने के लिए माफी मांगने वाला एक वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा। वे चाहते थे कि वह वीडियो में कहें कि वह बाहरी लोगों के निर्देश पर काम कर रहे थे। अब्दुल ने इसका पालन करने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि संभव है कि दिल्ली के जंतर मंतर पर आंदोलन में हिस्सा लेने के कारण वह निशाना बने।