कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में सियासी सरगर्मी चरम पर है। सोमवार को भाजपा ने अपना घोषणापत्र जारी किया इसके ठीक एक दिन बाद मंगलवार को कांग्रेस ने भी अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि वह कर्नाटक में प्रत्येक नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में 'अटल आहार केंद्र' स्थापित करेगी। भाजपा की इस घोषणा ने 'इंदिरा कैंटीन' के अस्तित्व पर सवालिया निशान लगा दिया है, जिसे तत्कालीन सिद्धारमैया सरकार ने अगस्त 2017 में लॉन्च किया था।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को 'प्रजा प्रणलाइके' (नागरिकों के लिए घोषणापत्र) जारी किया था। पार्टी ने अपने घोषणापत्र में कहा, हम राज्य के हर नगर निगम के हर वार्ड में एक 'अटल आहार केंद्र' स्थापित करेंगे, जो डिलीवरी बॉय, कैब, ऑटो चालकों और असंगठित श्रमिकों पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ राज्य भर में सस्ता, गुणवत्तापूर्ण और स्वस्थ भोजन उपलब्ध कराएगा।
इंदिरा कैंटीनों का क्या होगा, इससे जुड़े एक सवाल के जवाब में नड्डा ने कहा कि मैं इंदिरा कैंटीन 'योजना' के बारे में नहीं जानता, लेकिन मुझे पता है कि यह (अटल आहार केंद्र) आम आदमी की देखभाल करने जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, यह हास्यास्पद है कि भाजपा सरकार अपने कार्यकाल के दौरान राज्य भर में कांग्रेस द्वारा स्थापित 600 इंदिरा कैंटीनों को बदले की भावना से बंद करने के बाद 'अटल आहार केंद्र' खोलने का वादा कर रही है।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, बेंगलुरु में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने करीब 200 जगहों पर 94 करोड़ रुपये के निवेश से इंदिरा कैंटीन की स्थापना की थी। कांग्रेस ने पहले भी बार-बार वर्तमान भाजपा सरकार पर इंदिरा कैंटीन को बंद करने या नाम बदलने और इसे निरर्थक बनाने का आरोप लगाया था।
सिद्धारमैया ने 28 अगस्त, 2019 को ट्वीट किया था, "क्या आपका पेट इतना भर गया है कि आप गरीब आदमी की भूख से अनजान हैं? या आपकी पार्टी केवल अभिजात वर्ग की भूख को पूरा करती है? हम इंदिरा कैंटीन को खत्म करने के किसी भी प्रयास को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।" भाजपा के बीएस येदियुरप्पा के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के एक महीने बाद कांग्रेस के दिग्गजों ने अपना डर सार्वजनिक किया था। येदियुरप्पा ने तब स्पष्ट किया था कि इंदिरा कैंटीन को बंद करने या उसका नाम बदलने की कोई योजना नहीं है। कांग्रेस सरकार ने तमिलनाडु में 'अम्मा कैंटीन' की तर्ज पर अगस्त 2017 में इंदिरा कैंटीन योजना शुरू की थी।
इंदिरा कैंटीन योजना का हिस्सा रहे एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि सरकार ने इंदिरा कैंटीन योजना के लिए 94 करोड़ रुपये निर्धारित किए थे। हमने बृहत बेंगलुरु महानगर पालिके के प्रत्येक वार्ड में प्रत्येक कैंटीन के निर्माण पर 30 लाख रुपये और प्रत्येक रसोई पर 60 लाख रुपये खर्च किए थे। उन्होंने बताया कि वार्षिक आवर्ती लागत लगभग 100 करोड़ रुपये है, जिसमें इंदिरा कैंटीन में भोजन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर प्रतिदिन 27 रुपये शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हर दिन लगभग तीन लाख लोग पूरे बेंगलुरु में इन इंदिरा कैंटीनों में भोजन सेवाओं का लाभ उठाते हैं।