सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में कुकुरमुत्ते की तरह फैल रहे निजी कोचिंग संस्थानों पर चिंता जताई है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से निजी कोचिंग संस्थानों के कामकाज पर नियंत्रण करने के उद्देश्य से कारगर नीति लाने के लिए कहा है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि निजी कोचिंग संस्थानों की बाढ़ आ गई है। ऐसा लगता है कि शिक्षा का व्यवसायीकरण हो रहा है, जो सही नहीं है। न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि वह निजी कोचिंग संस्थानों को रेग्यूलेट करने के लिए कोई ठोस व कारगर नीति लेकर आए।
पीठ ने कहा कि हम निजी कोचिंग संस्थानों को बंद करने का तो आदेश नहीं दे सकते हैं लेकिन इन संस्थानों को रेग्यूलेट करना जरूरी है। खासकर इसके व्यवसायीकरण पहलू को लेकर। पीठ ने दो टूक कहा कि शिक्षा का व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए।