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India-Russia: पांच दिसंबर को भारत आएंगे पुतिन; पीएम मोदी संग रक्षा-ऊर्जा समेत अहम मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद

Wed, 01 Oct 2025 08:53 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रपति पुतिन का दौरा ऐसे समय होने जा रहा है, जब अमेरिका रूस से तेल नहीं खरीदने के लिए भारत पर लगातार बना रहा है। हालांकि, भारत-रूस संबंधों पर अमेरिकी दबाव और तेल आयात विवाद का असर नहीं पड़ा है।
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पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूक्रेन के साथ युद्ध और अमेरिकी टैरिफ को लेकर दुनिया में जारी गतिरोध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 5 दिसंबर को भारत आने की संभावना है। पुतिन नई दिल्ली में होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान पुतिन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।

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अभी यह तय नहीं है कि राष्ट्रपति पुतिन एक दिन के लिए भारत आएंगे या उनका दौरा दो दिनों का होगा। उनकी यात्रा से पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव नवंबर में भारत आएंगे और कार्यक्रम की तैयारियां पूरी करेंगे। भारत और रूस के बीच हर साल शिखर वार्ता होती है। अब तक दोनों देशों के बीच 22 वार्ताएं हो चुकी हैं। पिछले साल जुलाई में पीएम मोदी मॉस्को गए थे, जबकि पुतिन आखिरी बार 2021 में भारत आए थे। इस बार दोनों देशों का सैन्य और तकनीकी सहयोग पर विशेष ध्यान रहेगा। माना जा रहा है कि भारत रूस से अतिरिक्त एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली भी खरीद सकता है। भारत ने 2018 में 5 यूनिट के लिए 5 अरब डॉलर का सौदा किया था, जिसमें तीन रेजिमेंट मिल चुकी हैं और बाकी दो अगले साल तक मिलने की उम्मीद है। रूस की एस-400 वायु रक्षा प्रणाली ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के हवाई हमलों को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई थी।
 
चीन में मिले थे मोदी-पुतिन
राष्ट्रपति पुतिन का दौरा ऐसे समय होने जा रहा है, जब अमेरिका रूस से तेल नहीं खरीदने के लिए भारत पर लगातार बना रहा है। हालांकि, भारत-रूस संबंधों पर अमेरिकी दबाव और तेल आयात विवाद का असर नहीं पड़ा है। पीएम मोदी ने हाल ही में चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में पुतिन से मुलाकात कर कहा था कि 140 करोड़ भारतीय दिसंबर में उनका स्वागत करने को उत्सुक हैं। आगामी वार्ता में यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा होने की संभावना है। यह मुलाकात भारत-रूस की विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।

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