करूर में 27 सितंबर को टीवीके रैली में हुई भगदड़ में 41 लोग मारे गए। डीएमके विधायक वी. सेंथिल बालाजी ने विजय पर सवाल उठाए कि वह सात घंटे देर से क्यों पहुंचे। उन्होंने रैली में पानी और बिस्किट जैसी सुविधाओं की कमी, भीड़ प्रबंधन और राजनीतिक जिम्मेदारी पर भी चिंता जताई।
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तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को टीवीके रैली में हुए भगदड़ में 41 लोगों की मौत के बाद राजनीतिक हलचल तेज है। इस मामले में करूर के डीएमके विधायक वी. सेंथिल बालाजी ने अभिनेता और नेता विजय पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रैली स्थल पर विजय के सात घंटे देर से पहुंचने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
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सेंथिल बालाजी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस हादसे को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस भी पार्टी के नेतृत्व में यह घटना हुई हो, उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विजय की रैली स्थल पर देर से आने के कारण भी यह दुखद घटना हुई।
स्थल की स्थिति और सुरक्षा पर सवाल
पूर्व मंत्री ने बताया कि अगले दिन वह स्वयं वेलुसम्यपुरम गए और देखा कि सड़क पर लगभग 1,000 से 2,000 चप्पलें पड़ी हुई थीं। लेकिन, पानी की बोतलें कहीं नहीं थीं। उन्होंने कहा कि अगर लोगों के पास पानी होता, तो कम से कम इस्तेमाल की हुई बोतलें दिखाई देतीं। उनका कहना था कि राजनीतिक पार्टियों की जिम्मेदारी है कि रैली में आए लोगों के लिए पानी और बिस्किट जैसी सुविधा मुहैया कराई जाए।
जनता की प्रतिक्रिया
सेंथिल बालाजी ने कहा कि रैली में शामिल लोगों से बातचीत के दौरान यह देखा गया कि अगर टीवीके चीफ विजय समय पर पहुँचते, तो इस तरह की घटना पहले ही नहीं होती। लोगों की दृष्टि में समय पर आगमन और उचित प्रबंधक न होने से भी भारी भीड़ की वजह से दिक्कतें बढ़ीं।
जिम्मेदारी और सुधार की आवश्यकता
विधायक ने जोर देकर कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए राजनीतिक दलों को आयोजनों में सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोई मामूली मामला नहीं है, बल्कि लोगों की जान का सवाल है।