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पूर्वांचल के लोगों का सवाल, हर सामाजिक-राजनीतिक कार्यक्रम जारी तो छठ पर प्रतिबंध क्यों

Sun, 15 Nov 2020 07:23 PM IST
Rajeev Rai अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

छठ पर्व यमुना घाट पर मनाने की अनुमति को लेकर रविवार को जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन, लोगों ने प्रशासन से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की
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छठ पर्व पर यमुना घाट पर त्योहार मनाने की अनुमति मांगने को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते पूर्वांचलवासी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश के लोग जितना इंतजार होली-दिवाली के त्योहार का करते हैं, पूर्वांचल के लोग उतना ही इंतजार छठ पर्व का करते हैं। यह पूर्वांचल के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। लेकिन कोरोना संक्रमण की लगातार गंभीर होती स्थिति को देखते हुए राजधानी में छठ कार्यक्रम के बड़े आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपने घरों पर ही छठ पर्व मनाने का अनुरोध किया है। लेकिन पूर्वांचल के लोग प्रशासन के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर इसी कोरोना संक्रमण के बीच हर सामाजिक-राजनीतिक कार्यक्रम जारी रह सकता है तो छठ कार्यक्रम का आयोजन क्यों नहीं किया जा सकता।

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पूर्वांचल छठ आयोजन समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी अजय कुमार पांडेय ने अमर उजाला से कहा कि राजधानी दिल्ली में लाखों बिहार-पूर्वांचल के लोग रहते हैं। छठ पूर्वांचल का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। ऐसे प्रमुख त्योहार पर पूरी तरह से पाबंदी लगाना लोगों की भावनाओं को आहत करना है। प्रशासन को शारीरिक दूरी-मास्क पहनने के नियमों का पूरा पालन कराते हुए छठ के आयोजन को मंजूरी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी दौरान पूरे देश ने देखा है कि बिहार में पूरे जोश के साथ रैलियों का आयोजन किया गया और पूरा चुनाव संपन्न हुआ। छठ पर्व में इस चुनाव से बड़ी भीड़ का आयोजन तो संभव नहीं है। ऐसे में तैयारी करने की बजाय पूरे त्योहार पर प्रतिबंध लगाना अनुचित है।

वहीं, यमुनापार छठ महोत्सव समिति के पदाधिकारी अरुण झा ने कहा कि छठ का आयोजन पूरी तरह प्राकृतिक वस्तुओं से होता है। इसमें एक भी ऐसी चीज का इस्तेमाल नहीं किया जाता है जिससे पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचे। इस दौरान लोग सबसे ज्यादा बढ़-चढ़कर खरीदारी भी करते हैं। अतः अब बाजार के लोग भी छठ पर्व का बेसब्री से इंतजार करते हैं। लेकिन प्रशासन ने प्रतिबंध लगाकर लोगों की भावनाओं के प्रति अनादर दिखाया है।

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

छठ पर्व पर यमुना घाट पर त्योहार मनाने की अनुमति मांगने को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते पूर्वांचलवासी - फोटो : Amar Ujala
छठ पर्व मनाने की अनुमित को लेकर पूर्वांचल के लोगों ने रविवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी किया। जनता दल यूनाइटेड प्रवक्ता सत्यप्रकाश मिश्रा ने कहा कि अगर इसी कोरोना काल में हर सामाजिक-राजनीतिक गतिविधि चल सकती है तो लोगों को छठ पर्व मनाने की अनुमति भी दी जानी चाहिए। इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की बजाय प्रशासन को नियमों के पालन के लिए आवश्यक प्रबंध करना चाहिए। उन्होंने दिल्ली सरकार से लोगों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए यमुना घाट पर छठ मनाने की अनुमति देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों की बसावट भी ऐसी नहीं है कि लोग अपने घरों के आसपास किसी तालाब पर जाकर त्योहार मना सकें। यहां यमुना नदी और कुछ तालाब ही हैं जहां लोग त्योहार मना सकते हैं। इसलिए प्रशासन को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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