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West Bengal Violence: मजूमदार के बाद पुलिस ने सुवेंदु अधिकारी को रोका, कोलाघाट जा रहे थे

Sun, 12 Jun 2022 05:18 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

अधिकारी ने धारा 144 के बीच हावड़ा में भाजपा पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ करने के संबंध में मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा।
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Suvendu Adhikari - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाओं के बीच सियासी पारा भी चढ़ता जा रहा है। बंगाल में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को पुलिस ने रोक लिया है। बताया जा रहा है कि जब वे कोलाघाट जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस बीच अधिकारी ने पुलिस ने कहा कि उन्हें जाने दिया जाए। उन्हें कोलाकाता पहुंचना है, वहां उन्हें दो कार्यक्रमों में हिस्सा लेना है।  अधिकारी ने धारा 144 के बीच हावड़ा में भाजपा पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ करने के संबंध में मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा।

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पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एहतियाती कदम उठाते हुए अधिकारी को हिंसा प्रभावित हावड़ा जिला जाने से रोका गया है। हावड़ा जिले के हिंसा प्रभावित इलाकों में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। सुवेंदु अधिकारी अपने सुरक्षा दल के साथ आगे बढ़ रहे थे, लेकिन तामलुक के राधारानी मोड़ पर एक पुलिस दल ने उन्हें रोक लिया। उनके साथ भाजपा का कोई अन्य नेता नहीं था।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमें जानकारी मिली कि अधिकारी हावड़ा जिले का दौरा करने की योजना बना रहे थे, जिसके कुछ हिस्सों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू है। इसलिए एहतियात के तौर पर हमें उन्हें वहां जाने से रोकना पड़ा, क्योंकि उनकी यात्रा से कानून-व्यवस्था की समस्या हो सकती थी।
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अधिकारी यह दावा करते हुए वाहन के अंदर बैठे रहे कि उनका हावड़ा जाने का कोई इरादा नहीं है। उनके और उन पुलिस अधिकारियों के बीच मौके पर तीखी बहस हुई, जो उनके वाहन को रोक रहे थे। हावड़ा रवाना होने से पहले नंदीग्राम से भाजपा विधायक अधिकारी ने कहा था कि यदि उन्हें हावड़ा जाने से रोका जाता है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

इससे पहले पार्टी की बंगाल इकाई के प्रमुख सुकांत मजूमदार को शनिवार को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह हावड़ा जिले की ओर जा रहे थे। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था।

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