पंजाब में इस बार विधानसभा चुनाव की जंग काफी रोमांचक होने जा रही है। शुरूआत से पंजाब की चुनावी जंग में कांग्रेस और शिअद-भाजपा की परंपरागत प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। लेकिन पहली बार विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की दमदार मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। जिसके चलते पंजाब में कई विधानसभा हलके इस बार हॉट-सीट बन गए हैं।
पंजाब का महा-मुकाबला इस बार लंबी हलके में है। पंजाब के सियासी इतिहास में पहली बार एक सीएम और पूर्व सीएम आमने-सामने हैं। यह सीएम प्रकाश सिंह बादल का परंपरागत हलका रहा है। वह यहां से कभी नहीं हारे। कांग्रेस की ओर से उन्हें महेश इंदर सिंह बादल ही चुनौती देते आए हैं। लेकिन इस बार कांग्रेस ने यहां से अपने सबसे कद्दावर नेता पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को उतारा है। वहीं, आप ने यहां से दिल्ली के विधायक जरनैल सिंह को उतारा है। जिसके चलते मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है।
विधानसभा क्षेत्र लंबी मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का गढ़ है। मुख्यमंत्री बादल का पैतृक हलका होने के बावजूद यहां के लोग वर्षों से सेम समस्या से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री का गढ़ होने के चलते यहां मुक्तसर के मुकाबले काफी विकास हुआ है। शिअद की ओर से एक बार फिर से वर्तमान मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं। बादल पांच बार मुख्यमंत्री बने हैं। विधानसभा चुनाव 2012 में उनका कांग्रेस प्रत्याशी महेश इंदर बादल के साथ मुकाबला था। जिसमें वह 24,739 मतों से चुनाव जीते थे। जबकि महेश इंदर सिंह बादल को 43,260 मत मिले थे।
इस बार उनके साथ मुकाबले में आम आदमी पार्टी की ओर से दिल्ली के विधायक जरनैल सिंह को उतारा गया है। आप के भी चुनाव मैदान में कूदने पर इस बार मुकाबला रोचक माना जा रहा है। वहीं इस बार लंबी सीट से कांग्रेस की ओर से कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चुनाव लड़ने का एलान कर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
मुख्यमंत्री बादल 1997, 2002, 2007, 2012 में निरंतर लंबी विधानसभा सीट से विधायक बनते आए हैं। इस बार उन्हें आप के जरनैल सिंह और कांग्रेस की ओर से कैप्टन अमरिंदर द्वारा टक्कर देने पर मुख्यमंत्री बादल को जीतने के लिए काफी जोर-आजमायश करनी पड़ रही है। इस बार लंबी विधान सभा सीट राज्य में सबसे हॉट मानी जा रही है।
कुल मतदाता- 1,55,556 - पुरुष वोटर, 73,904