लोकसभा चुनाव के लिए टिकट मांगने वाले उम्मीदवारों से हाल ही में पंजाब कांग्रेस ने आवेदन शुल्क की मांग की है। अब यही खबर एआईएडीएमके को लेकर भी आई है। पार्टी ने अपने नेताओं से कहा है कि अगर संसदीय चुनाव लड़ना है तो 25 हजार रुपये का भुगतान करें। जब उम्मीदवार अपना एप्लीकेशन फॉर्म जमा कर रहे थे, तब उनसे ये कहा गया।
चुनाव टिकट का शुल्क तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए लागू है, जहां एआईएडीएमके के पास समर्थन है। एआईएडीएमके ने घोषणा की है कि जो पार्टी कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, वह 25 हजार रुपये देने के बाद 4 फरवरी, 2019 से 10 फरवरी, 2019 तक आवेदन कर सकते हैं।
सभी 40 निर्वाचन क्षेत्रों (39 तमिलनाडु और एक पुडुचेरी) को आवेदन भेजने के लिए सूचिबद्ध कर लिया गया है। इससे पहले 2014 में हुए लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए भी एआईएडीएमके ने इसी तरह की अधिसूचना जारी की थी। दिसंबर, 2013 में एआईएडीएमके ने पार्टी टिकट पाने के इच्छुद उम्मीदवारों को भी उतनी ही फीस भरने के लिए कहा था, जितनी अभी कहा है।
इसी तरह की मांग पंजाब कांग्रेस ने भी की है। जिसने 2019 लोकसभा चुनाव में टिकट के इच्छुक पार्टी कार्यकर्ताओं से आवेदन फीस के तौर पर 25 हजार रुपये भरने को कहा है। वहीं आरक्षित वर्ग की सीटों के लिए ये राशि 20 हजार रुपये है। पंजाब में अनुसूचित जाति की चार सीटें मिलाकर कुल 13 लोकसभा सीट हैं। इस कदम के पीछे पंजाब कांग्रेस का उद्देश्य आम चुनाव से पहले धन जमा करना है। पंजाब कांग्रेस ने अपने चंडीगढ़ समकक्ष से भी इसका अनुकरण करने को कहा है।
आवेदन शुल्क लेने का आदेश ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटि (एआईसीसी) की जनरल सेक्रेटरी इंजार्ज ऑफ पंजाब एंड चंडीगढ़ आशा कुमारी की ओर से जारी किया गया है।
पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धु की पत्नी नवजोत कौर सिद्धु और लुधियाना के पूर्व सांसद मनीष तिवारी के बीच चंडीगढ़ में पार्टी टिकट के लिए होड़ लगी है।
चंडीगढ़ कांग्रेस इकाई अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है, "पंजाब इकाई ने मंगलवार को इस फैसले के बारे में बताया और नवजोत कौर सिद्धु और मनीष तिवारी दोनों से आवेदन फीस के तौर पर 25 हजार रुपये देने के लिए कहा जाएगा।"