केंद्र ने कानून व्यवस्था बेहतर करने और शांति कायम रखने के लिए वरिष्ठ आईएएस पुनीत गोयल को मणिपुर का नया मुख्य सचिव बनाया है। वहीं यहां सुरक्षा बलों ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सुरक्षा बलों ने बुधवार को आंतरिक रूप से विस्थापित करीब 100 लोगों को इंफाल पूर्वी जिले के दोलाईथाबी में अपने गांवों में लौटने से रोक दिया।
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में शांति कायम करने की कवायद तेज हो गईं हैं। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा है। केंद्र ने कानून व्यवस्था बेहतर करने और शांति कायम रखने के लिए वरिष्ठ आईएएस पुनीत गोयल को मणिपुर का नया मुख्य सचिव बनाया है। वहीं यहां सुरक्षा बलों ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सुरक्षा बलों ने बुधवार को आंतरिक रूप से विस्थापित करीब 100 लोगों को इंफाल पूर्वी जिले के दोलाईथाबी में अपने गांवों में लौटने से रोक दिया।
विज्ञापन
प्रशांत सिंह की जगह लेंगे पुनीत गोयल
एजीएमयूटी कैडर के 1991 बैच के अधिकारी पुनीत गोयल मौजूदा मुख्य सचिव प्रशांत कुमार सिंह की जगह लेंगे। प्रशांत सिंह को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है। 15 जुलाई की अधिसूचना में कहा गया है, कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने पुनीत कुमार गोयल की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अवधि में कटौती करते हुए एजीएमयूटी से मणिपुर कैडर में अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह अवधि 31 अगस्त 2025 तक यानी उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि तक रहेगी।
शांति बनाए रखने के लिए उठाया कदम
सुरक्षा बलों ने विस्थापित करीब 100 लोगों को अपने गांवों की ओर लौटने से रोक दिया। अफसरों ने बताया कि शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। पूर्वी इंफाल जिले में साजिवा के निकट राहत शिविर में रह रहे आईडीपी अपने पैतृक गांवों में लौटने के लिए दोइलैथाबी की ओर बढ़ गए थे। उनको दोलाईथाबी से लगभग 2.5 किमी दूर पुखाओ तेजपुर के पास रोक दिया गया।
पुलिस ने कहा कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं और सीआरपीएफ की महिला कर्मियों की एक कंपनी भी तैनात की गई है। जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए स्थानीय नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है।
उन्होंने कहा कि निरंतर स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। डोलाईथाबी संवेदनशील सीमांत क्षेत्र में है। मई 2023 में जब हिंसा भड़की थी, तब कांगपोकपी जिले के इस पड़ोसी पहाड़ी क्षेत्रों से कई हमले हुए थे।