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Pune: 'दुर्घटना पर निबंध, यातायात पर प्रशिक्षण...', कार से दो की जान लेने वाले नाबालिग को ऐसे मिली थी जमानत

Tue, 21 May 2024 02:21 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

Pune Rash Driving Case: अधिकारियों ने बताया कि रविवार तड़के पुणे के कल्याणी नगर के पास एक लग्जरी कार और मोटरसाइकिल की टक्कर में एक युवती सहित दो लोगों की जान चली गई। घटना सुबह करीब सवा तीन बजे हुई। मृतकों की पहचान अनीस अवधिया और अश्विनी कोस्टा के रूप में हुई।
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अमितेश कुमार, पुलिस आयुक्त, पुणे। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पुलिस लापरवाही से गाड़ी चलाने के मामले में नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं के तहत एक वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने की अनुमति मांग रही है। पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने सोमवार को यह बात कही। पुणे के पुलिस आयुक्त कुमार ने कहा, पुलिस ने कल की घटना को गंभीरता से लिया है। हमने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 के तहत कार्रवाई की है, क्योंकि यह एक जघन्य अपराध था। वाहन चालक एक संकरी गली में लापरवाही से गाड़ी चला रहा था।
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अधिकारियों ने बताया कि रविवार तड़के पुणे के कल्याणी नगर के पास एक लग्जरी कार और मोटरसाइकिल की टक्कर में एक युवती सहित दो लोगों की जान चली गई। घटना सुबह करीब सवा तीन बजे हुई। मृतकों की पहचान अनीस अवधिया और अश्विनी कोस्टा के रूप में हुई।

उन्होंने बताया कि नाबालिग कार चालक पकड़ा गया लेकिन बाद में किशोर न्याय बोर्ड ने उसे पुनर्वास और जागरूकता के उद्देश्य से कई शर्तो के साथ जमानत दे दी। शर्तों में कहा गया कि उसे 15 दिनों तक यरवदा की यातायात पुलिस के साथ काम करना होगा। दुर्घटना पर एक निबंध लिखना होगा। उसे शराब छोड़ने में मदद के लिए संबंधित डॉक्टर से इलाज कराना होगा और मनोचिकित्सक से परामर्श लेना होगा और एक रिपोर्ट पेश करनी होगी।
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इससे पहले पुलिस ने बताया था कि नाबालिग पर आईपीसी की धारा 304ए, 279, 337, 338, 427 और वाहन अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं। पुणे के पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस ने दो आवेदन दायर किए हैं, जिनमें नाबालिग आरोपी पर व्यस्क के रूप में मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि निचली अदालत ने आवेदन खारिज किया था इसलिए पुलिस ने ऊपरी अदालत का रुख किया।
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