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Pune Case: नाबालिग आरोपी का बालिग की तरह ट्रायल की मांग पर कोर्ट पंहुची पुलिस; जुवेनाइल बोर्ड ने किया था इनकार

Wed, 13 Aug 2025 12:08 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

पुणे पुलिस ने पोर्श कार हादसे के नाबालिग आरोपी को बालिग की तरह ट्रायल करने की मांग को लेकर सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। पहले जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने पुलिस की अर्जी यह कहकर खारिज कर दी थी कि मामला जघन्य अपराध नहीं है।
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पुणे पोर्श केस - फोटो : PTI
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विस्तार
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पुणे पुलिस ने पोर्श कार हादसे के नाबालिग आरोपी को बालिग की तरह ट्रायल करने की मांग को लेकर सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। इससे पहले जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) ने पुलिस की इस मांग को खारिज करते हुए कहा था कि यह अपराध जघन्य अपराध की श्रेणी में नहीं आता। यह मामला मई 2024 में हुए उस सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें दो युवाओं की मौत हो गई थी।
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स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर शिशिर हिराय ने बताया कि सात अगस्त को सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है और जल्द ही सुनवाई की तारीख तय होगी। पुलिस का कहना है कि जेजेबी का फैसला कानूनी रूप से गलत है और हादसे की गंभीरता को देखते हुए आरोपी का ट्रायल वयस्क की तरह होना चाहिए। इससे पहले जेजेबी ने पुलिस की अर्जी यह कहकर खारिज कर दी थी कि मामला जघन्य अपराध की परिभाषा में नहीं आता।

हादसे की घटना और विवाद
यह हादसा 19 मई 2024 की रात पुणे के कल्याणी नगर में हुआ था, जब 17 वर्षीय आरोपी ने अपनी पोर्श कार से बाइक को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में मध्य प्रदेश के रहने वाले अश्विनी कोष्टा और अनीश अवस्थिया की मौत हो गई थी। आरोपी को गिरफ्तार किया गया, लेकिन जल्द ही जेजेबी ने उसे जमानत दे दी, जिस पर जमकर विवाद हुआ। आरोप है कि नाबालिग को एक रेस्टोरेंट में शराब परोसी गई थी।
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सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप
हादसे के बाद आरोपी के माता-पिता और डॉक्टरों पर खून के सैंपल बदलने का आरोप लगा। दावा है कि डॉक्टरों ने आरोपी का ब्लड सैंपल उसकी मां के सैंपल से बदल दिया। इस मामले में आरोपी की मां को सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल में अंतरिम जमानत दी थी, जबकि पिता और डॉक्टर अभी जेल में हैं। पुलिस ने इस मामले में सबूत नष्ट करने और साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
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आगे की कार्रवाई और कानूनी लड़ाई
पुणे पुलिस ने पिछले साल जेजेबी के सामने सप्लीमेंट्री रिपोर्ट दाखिल कर नाबालिग पर सबूत नष्ट करने की अतिरिक्त धारा लगाई थी। पहले ही पुलिस ने उस पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। अब सेशन कोर्ट में यह मामला तय करेगा कि आरोपी का ट्रायल नाबालिग के रूप में होगा या वयस्क के तौर पर।

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