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Pune Polls: कांग्रेस में शामिल हुए शरद गुट के नेता प्रशांत जगताप; एनसीपी के साथ गठबंधन का कर रहे थे विरोध

Fri, 26 Dec 2025 06:43 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Pune Polls: प्रशांत जगताप ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के नगर निगम चुनावों में अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ गठबंधन का विरोध किया था। इसी कारण उन्होंने एनसीपी (एसपी) से इस्तीफा दे दिया। महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा, जबकि मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी।
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कांग्रेस में शामिल हुए प्रशांत जगताप - फोटो : X @JagtapSpeaks
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विस्तार
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महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम चुनावों से पहले पुणे की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पुणे के पूर्व महापौर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के शहर अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने शुक्रवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस ने कहा कि जगताप के शामिल होने से 15 जनवरी को होने वाले महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में पार्टी और मजबूत होगी। बता दें कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस ने हाल ही में हुए नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में जीत दर्ज करने वाले 41 नगर अध्यक्षों का सम्मान भी किया। पार्टी के अनुसार, कांग्रेस ने राज्यभर में 1,006 पार्षद सीटें जीतीं और 100 नगर परिषदों में दूसरा स्थान हासिल किया।
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महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष की मौजूदगी में ली पार्टी की सदस्यता
प्रशांत जगताप ने मुंबई स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक भवन में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ली। उनके साथ पुणे से एनसीपी (एसपी) के कई पदाधिकारी भी कांग्रेस में शामिल हुए। इस दौरान जगताप का स्वागत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस छत्रपति शिवाजी महाराज, राजर्षि शाहू महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले और डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा की विरासत को आगे बढ़ाने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता और पैसे की राजनीति नहीं, बल्कि विचारधारा की लड़ाई लड़ती है।
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हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा, 'आज कई राजनीतिक दल सिर्फ सत्ता और धन के लिए चुनाव लड़ते हैं। लोग आमतौर पर उगते सूरज को सलाम करते हैं, लेकिन प्रशांत जगताप ने विचारधारा के आधार पर कांग्रेस को चुना है।'

कांग्रेस नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि जगताप ने 'सांप्रदायिक ताकतों' से समझौता करने से इनकार किया और अपनी विचारधारा से समझौता किए बिना कांग्रेस को चुना। उन्होंने दावा किया कि अगर ऐसे नेता कांग्रेस के साथ खड़े रहे, तो 2029 में सत्ता कांग्रेस की होगी। पूर्व मंत्री नसीम खान ने कहा कि देश आज लोकतंत्र, संविधान, किसानों, महिलाओं, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवाद और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और भाजपा पर लोगों को गुमराह करने तथा पार्टियां तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस की मजबूत वैचारिक नींव है- जगताप
कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रशांत जगताप ने कहा कि कांग्रेस 135 साल पुरानी पार्टी है, जिसकी मजबूत वैचारिक नींव है। उन्होंने कहा कि वे शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, फुले, आंबेडकर, गांधी और नेहरू के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस में आए हैं। जगताप ने कहा, 'मेरी लड़ाई जातिवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ है और आज केवल कांग्रेस ही भाजपा को चुनौती दे सकती है। विचारधारा पर कोई समझौता नहीं हो सकता।'
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कांग्रेस ने सत्ताधारी दलों पर लगाया आरोप
हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दलों ने चुनावों में धन और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धमकियों, हमलों और झूठे मामलों का सामना करते हुए मजबूती से चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि जीत की संख्या भले ही कम दिखे, लेकिन कठिन परिस्थितियों में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी महत्वपूर्ण रहा है। इस मौके पर कांग्रेस ने आगामी नगर निगम चुनावों के लिए अपना नारा भी जारी किया, 'कांग्रेस लड़ेगी, महाराष्ट्र जीतेगा।'

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