महाराष्ट्र के पुणे स्थित जर्मन बेकरी बम धमाके के दोषी हिमायत बेग को बड़ी राहत देते हुए उसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया है। ये फैसला बॉम्बे हाइकोर्ट ने दिया है। इतना ही नहीं कोर्ट ने उसे साजिश और बम प्लांट करने के आरोपों से भी बरी कर दिया है। इससे पहले पुणे की सत्र अदालत ने बेग को फांसी की सजा सुनाई थी।
जिसके बाद हिमायत के वकील ने फिर से मुकदमा चलाने की मांग की थी। गौरतलब है कि दिसंबर 2010 में जांच अधिकारी एसीपी विनोद सातव ने इस मामले में 2500 पन्नों की रिपोर्ट फाइल की थी जिसमे बेग को आरोपी बनाया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान 103 लोगों की गवाही भी हुई थी। इस धमाके को आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने अंजाम दिया था। 2010 में हुए इस आतंकी हमले में 17 लोग मारे गए थे जिसमें 4 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इस हमले में 64 लोग जख्मी भी हुए थे। हमले में यह विख्यात रेस्तरां पूरी तरह से बर्बाद हो गया था।