सिविल पारिवारिक कोर्ट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब स्काइप के जरिए किसी जोड़े को तलाक मिला हो। मामला पुणे का है यहां शनिवार को तलाक लेने के लिए पति सिंगापुर से आया था जबकि कुछ कारणों से पत्नी लंदन से कोर्ट नहीं आ सकी। इस पर पुणे कोर्ट ने कुछ ऐसा किया जो इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।
ये भी पढ़ें- HC ने निजी अस्पताल से पूछा- HIV पीड़ित को नौकरी से क्यों निकाला?
कोर्ट ने स्काइप के जरिए मामले की सुनवाई की इजाजत दे दी। गौरतलब है कि इस जोड़े ने हिंदू विवाह कानून के सेक्शन 13बी के तहत 12 अगस्त को कोर्ट में तलाक की अर्जी दी थी।
कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया कि दोनों कॉलेज में एक दूसरे से प्यार करते थे। 9 मई 2015 में दोनों से शादी कर ली। एक महीने बाद दोनों को विदेश में नौकरी मिल गई। पति को सिंगापुर जबकि पत्नी को लंदन में नौकरी मिल गई।
ये भी पढ़ें- 11 में से 10 मामलों में बरी, फिर भी जेल में बिताए 16 साल
कोर्ट में दायर याचिका के अनुसार पत्नी ने कहा कि इस शादी की वजह से उसका करियर प्रभावित हो रहा है। दोनों आपसी सहमति से तलाक चाहते हैं। पत्नी कोर्ट में शामिल नहीं हो पाई जिसके बाद कोर्ट ने स्काइप के जरिए मामले की सुनवाई का फैसला लिया।