जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 40 जवान शहीद हो गये। इस आतंकी हमले के बाद लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है। इसके मद्देनजर शुक्रवार को एहतियाती तौर पर राजधानी दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं पुलवामा हमले के मद्देनजर विदेश सचिव ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल मोहम्मद को तलब किया और पुलवामा आतंकवादी हमले पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्हें विदेश सचिव विजय गोखले ने तलब किया था।
समचार एजेंसी के मुताबिक, विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करनी होगी, और उसे तुरंत आतंकवाद से जुड़े गुटों और लोगों को अपनी धरती से काम करने देना बंद करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान को भी खारिज कर दिया।
बता दें कि पाकिस्तान हमेशा से आतंकियों का पनाहगार रहा है। वहां आतंकी फल-फूल रहे हैं। जिसका नतीजा यह है कि पाकिस्तान सीरिया से भी ज्यादा खतरनाक हो गया है। यह दावा एक रिपोर्ट में किया गया था। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और स्ट्रैटजिक फॉरसाइट ग्रुप द्वारा ''ह्यूमैनिटी एट रिस्क- ग्लोबल टेरर थ्रेट इंडिकेंट'' के नाम से रिपोर्ट प्रकाशित में कहा गया था कि आतंक की वजह से सीरिया के मुकाबले पाकिस्तान से मानवता को 3 गुना ज्यादा खतरा है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान उन देशों की सूची में सबसे उपर है, जहां सबसे ज्यादा आतंकियों ने पनाह ले रखी है और यह उनके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पड़ोसी देश पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकी संगठन और उनके सरपरस्त बहुत बड़ी गलती कर गए हैं और इसके गुनाहगारों को उनके किये की सजा जरूर मिलेगी। प्रधानमंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘आतंकी संगठनों को और उनके सरपरस्तों को कहना चाहता हूं कि वो बहुत बड़ी गलती कर गए हैं। मैं देश को भरोसा दिलाता हूं कि हमले के पीछे जो ताकतें हैं, इस हमले के जो भी गुनहगार हैं, उन्हें उनके किए की सज़ा अवश्य मिलेगी।’’
पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ पूरे विश्व में अलग-थलग पड़ चुका हमारा पड़ोसी देश अगर यह समझता है कि जिस तरह के कृत्य वह कर रहा है, जिस तरह की साजिशें कर रहा है, उससे भारत में अस्थिरता पैदा करने में सफल हो जाएगा, तो वह बहुत बड़ी भूल कर रहा है।’’