यह घटना रविवार की है। बच्चों की तबीयत खराब होने के बाद अगले दिन सोमवार को पोलियो अभियान चलाने वाली टीम को सूचना दी गई, तब जाकर उनको अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने दूसरी बार में पोलिया की दवा पिलाई। बीमार बच्चों का नाम -गिरम गेदाम, योगश्री गेदाम, तनुज गेदाम, हर्ष मेश्राम, वेदांत मेश्राम, राधिका मेश्राम, प्राची मेश्राम, माही मेश्राम, निशा मेश्राम,आस्था मेश्राम और भावना अर्के है।
बता दें कि भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है। देश में 10 साल से कोई नया मामला नहीं आया है। आखिरी मामला 13 जनवरी, 2011 को आया था। हालांकि, सतर्कता अभी भी बरती जा रही है क्योंकि पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो के मामले आना जारी हैं। इसी के तहत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 30 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में पांच साल से कम उम्र के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर 2021 के लिए राष्ट्रीय पोलियो अभियान शुरू किया।